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Gurugram News: बदले जाएंगे बिजली के जर्जर तार, सुधरेगी बिजली आपूर्ति
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पेज दो का प्रस्तावित टॉप बॉक्स
बिजली आपूर्ति में फॉल्ट भी कम होंगे, पुराने एल्युमीनियम कंडक्टर भी बदले जाएंगे
सघन आबादी और तंग गलियों वाली कॉलोनियों में इन जर्जर तारों से है खतरा
पूनम शंकर
गुरुग्राम। शहर की पुरानी कॉलोनियों और गांवों में लोगों को अब पुराने लटके हुए बिजली के जर्जर तारों से छुटकारा मिलेगा। इसे लेकर बिजली निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर में कई जगह काम भी शुरू हो गया है। गुरुग्राम के ग्रामीण इलाकों में इसे पूरा होने में दो साल का समय लगेगा।
शहर की कुछ कॉलोनियों में बिजली निगम ने रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के तहत पुराने जर्जर लटके तारों को हटाने का काम शुरू कर दिया है। डीएचबीवीएन के मुख्य अभियंता वीके अग्रवाल ने बताया कि आरडीएसएस योजना के तहत डीएचबीवीएन को दक्षिण हरियाणा के लिए 1500 करोड़ रुपये मिले थे। इसे पुराने तारों को बदलने के लिए खर्च किया जाना है। अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग-अलग टेंडर हुए हैं। मानेसर के सब डिविजन और गुड़गांव के सब डिविजन में काम शुरू हुआ है। खुले एल्युमीनियम कंडक्टर बदले जा रहे हैं। इससे एक ओर फॉल्ट की संभावना कम हो जाएगी, दूसरी ओर खुले तारों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका नहीं रहेगी।
40 करोड़ से तीन सब स्टेशनों में होगा काम
बिजली निगम के सर्किल वन के कार्यकारी अभियंता मनोज नेहरा ने बताया कि न्यू पालम विहार, आईडीसी और कादीपुर सब डिविजन में करीब 1100 किमी के दायरे में एलटी तार बदले जा रहे हैं। एल्युमीनियम कंडक्टर की जगह केबल लगाए जा रहे हैं। यह कार्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। इसमें 40 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। न्यू पालम विहार के एसडीओ विक्रम परमार ने बताया कि न्यू पालम विहार के गांवों और कॉलोनियों में पुराने एल्युमीनियम कंडक्टर को बदलने का काम शुरू हो गया है। इसे छह महीने में पूरा करने की कोशिश होगी।
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छह सब डिविजन में 65 करोड़ होंगे खर्च
मानेसर, पटौदी, फर्रुखनगर, खेड़कीदौला, हेलीमंडी और बोहड़ाकला सब डिविजन में भी आरडीएसएस योजना के तहत जर्जर एल्युमीनियम के तारों को बदलने की योजना पर कार्रवाई शुरू हो गई है। इन सब डिविजनों के अधिकारी नरेश शर्मा ने बताया कि करीब 65 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। 24 महीने का समय इसके लिए निर्धारित किया गया है।
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बिजली आपूर्ति में फॉल्ट भी कम होंगे, पुराने एल्युमीनियम कंडक्टर भी बदले जाएंगे
सघन आबादी और तंग गलियों वाली कॉलोनियों में इन जर्जर तारों से है खतरा
पूनम शंकर
गुरुग्राम। शहर की पुरानी कॉलोनियों और गांवों में लोगों को अब पुराने लटके हुए बिजली के जर्जर तारों से छुटकारा मिलेगा। इसे लेकर बिजली निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर में कई जगह काम भी शुरू हो गया है। गुरुग्राम के ग्रामीण इलाकों में इसे पूरा होने में दो साल का समय लगेगा।
शहर की कुछ कॉलोनियों में बिजली निगम ने रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के तहत पुराने जर्जर लटके तारों को हटाने का काम शुरू कर दिया है। डीएचबीवीएन के मुख्य अभियंता वीके अग्रवाल ने बताया कि आरडीएसएस योजना के तहत डीएचबीवीएन को दक्षिण हरियाणा के लिए 1500 करोड़ रुपये मिले थे। इसे पुराने तारों को बदलने के लिए खर्च किया जाना है। अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग-अलग टेंडर हुए हैं। मानेसर के सब डिविजन और गुड़गांव के सब डिविजन में काम शुरू हुआ है। खुले एल्युमीनियम कंडक्टर बदले जा रहे हैं। इससे एक ओर फॉल्ट की संभावना कम हो जाएगी, दूसरी ओर खुले तारों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका नहीं रहेगी।
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40 करोड़ से तीन सब स्टेशनों में होगा काम
बिजली निगम के सर्किल वन के कार्यकारी अभियंता मनोज नेहरा ने बताया कि न्यू पालम विहार, आईडीसी और कादीपुर सब डिविजन में करीब 1100 किमी के दायरे में एलटी तार बदले जा रहे हैं। एल्युमीनियम कंडक्टर की जगह केबल लगाए जा रहे हैं। यह कार्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। इसमें 40 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। न्यू पालम विहार के एसडीओ विक्रम परमार ने बताया कि न्यू पालम विहार के गांवों और कॉलोनियों में पुराने एल्युमीनियम कंडक्टर को बदलने का काम शुरू हो गया है। इसे छह महीने में पूरा करने की कोशिश होगी।
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छह सब डिविजन में 65 करोड़ होंगे खर्च
मानेसर, पटौदी, फर्रुखनगर, खेड़कीदौला, हेलीमंडी और बोहड़ाकला सब डिविजन में भी आरडीएसएस योजना के तहत जर्जर एल्युमीनियम के तारों को बदलने की योजना पर कार्रवाई शुरू हो गई है। इन सब डिविजनों के अधिकारी नरेश शर्मा ने बताया कि करीब 65 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। 24 महीने का समय इसके लिए निर्धारित किया गया है।