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Gurugram News: तिब्बत बाजार में गर्म कपड़े बेचकर महिलाएं चला रहीं घर का खर्च
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शॉल, जैकेट, जुराबे, और हस्तनिर्मित बैग बेचकर घर खर्च उठाने के लिए सक्षम बन रहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यू गुरुग्राम।
सर्दी के मौसम में साइबर सिटी में तिब्बत मार्केट कई जगहों पर लगाई जाती है। इसमें अलग-अलग राज्यों के लोग आकर यहां अपनी दुकानें लगाते हैं। वहीं, इन दुकानदारों में अधिकतर महिलाएं होती हैं। मार्केट में कई महिलाएं मेहनत और आत्मनिर्भर की मिसाल पेश कर रही हैं। यह महिलाएं गर्म कपड़े शॉल, जैकेट, जुराबे, और हस्तनिर्मित बैग बेचकर घर खर्च उठाने के लिए सक्षम बन रहीं हैं। यह महिलाएं हर साल नवंबर से फरवरी तक यहां रहती हैं। बढ़ती महंगाई के बीच यह बाजार इनके लिए रोजगार का प्रमुख साधन बन गया है।
बाजार में महिलाओं को मिलती है आर्थिक मजबूती
इस काम की शुरूआत मैंने करीब 15 साल पहले की थी। पहली बार यहां मैं अपने दोस्तों के साथ आई थी, जिसके पश्चात में हर साल यहां पर आती हूं। साथ ही कुछ वर्षों पहले ही मैं इस मार्केट की प्रधान बनी हूं। इस बाजार में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिलती है। - उमा, तिब्बत बाजार की प्रधान, उत्तराखंड निवास
मैं 16 साल की हूं और इस बाजार में दुकान दूसरी बार सजाई है। उन्होंने इस साल शॉल की दुकान लगाई है, जिससे उन्हें आर्थिक मदद मिल रही है। वहीं, अपने माता-पिता का सहारा बन रही हूं। उन्होंने कहा कि इस काम को करने में उन्हें बहुत खुशी होती है। - रितिका, दुकानदार, तिब्बत मार्केट
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तिब्बत मार्केट में दुकान लगाने वाली नेहा ने बताया कि यह काम सिर्फ रोजगार नहीं, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर भी बनाता है। महिलाएं चाहें तो खुद अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं। रोज की कमाई से घर की जरूरतें पूरी हो जाती हैं। - नेहा, दुकानदार, तिब्बत मार्केट
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संवाद न्यूज एजेंसी
न्यू गुरुग्राम।
सर्दी के मौसम में साइबर सिटी में तिब्बत मार्केट कई जगहों पर लगाई जाती है। इसमें अलग-अलग राज्यों के लोग आकर यहां अपनी दुकानें लगाते हैं। वहीं, इन दुकानदारों में अधिकतर महिलाएं होती हैं। मार्केट में कई महिलाएं मेहनत और आत्मनिर्भर की मिसाल पेश कर रही हैं। यह महिलाएं गर्म कपड़े शॉल, जैकेट, जुराबे, और हस्तनिर्मित बैग बेचकर घर खर्च उठाने के लिए सक्षम बन रहीं हैं। यह महिलाएं हर साल नवंबर से फरवरी तक यहां रहती हैं। बढ़ती महंगाई के बीच यह बाजार इनके लिए रोजगार का प्रमुख साधन बन गया है।
बाजार में महिलाओं को मिलती है आर्थिक मजबूती
इस काम की शुरूआत मैंने करीब 15 साल पहले की थी। पहली बार यहां मैं अपने दोस्तों के साथ आई थी, जिसके पश्चात में हर साल यहां पर आती हूं। साथ ही कुछ वर्षों पहले ही मैं इस मार्केट की प्रधान बनी हूं। इस बाजार में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिलती है। - उमा, तिब्बत बाजार की प्रधान, उत्तराखंड निवास
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मैं 16 साल की हूं और इस बाजार में दुकान दूसरी बार सजाई है। उन्होंने इस साल शॉल की दुकान लगाई है, जिससे उन्हें आर्थिक मदद मिल रही है। वहीं, अपने माता-पिता का सहारा बन रही हूं। उन्होंने कहा कि इस काम को करने में उन्हें बहुत खुशी होती है। - रितिका, दुकानदार, तिब्बत मार्केट
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तिब्बत मार्केट में दुकान लगाने वाली नेहा ने बताया कि यह काम सिर्फ रोजगार नहीं, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर भी बनाता है। महिलाएं चाहें तो खुद अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं। रोज की कमाई से घर की जरूरतें पूरी हो जाती हैं। - नेहा, दुकानदार, तिब्बत मार्केट