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कमजोर स्थानीय शासन बना समस्याओं की जड़: विशेषज्ञ
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सिविक लैब बैठक में शहरी योजनाकारों और विशेषज्ञों ने उठाई आवाज
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यू गुरुग्राम। एमजी रोड स्थित डेल्टा स्क्वायर में आयोजित गुरुग्राम सिविक लैब-ऑल हैंड्स मीट में शहर की नागरिक समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसका आयोजन मिशन 7374 फाउंडेशन ने डीएक्सपी जीडीए और डिजिटल फ्यूचरिस्ट्स के साथ मिलकर किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि कमजोर स्थानीय शासन समस्याओं की जड़ है।
शहरी योजनाकारों, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों, नागरिक कार्यकर्ताओं, पेशेवरों और शासन विशेषज्ञों ने हरियाणा में 74वें संविधान संशोधन के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग उठाई, ताकि स्थानीय शहरी निकायों को वास्तविक अधिकार दिए जा सकें। बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशासन, टेक्नोलॉजी, वित्त, शहरी नियोजन और नागरिक सक्रियता से जुड़े लगभग 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने कहा कि गुरुग्राम की सामने आने वाली समस्याएं जलभराव, ट्रैफिक जाम, खराब सड़कें, सीवर ओवरफ्लो पर चर्चा की।
बैठक में शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन की खामियों पर भी चिंता व्यक्त की गई, जिनमें चिंटेल्स हादसा, सीवर ओवरफ्लो और पानी के दबाव में असंतुलन जैसी घटनाएं शामिल हैं। प्रतिभागियों ने कहा कि हरियाणा में प्लानर्स, इंजीनियरों और नगर प्रशासनिक अधिकारियों के लिए सतत प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की संस्थागत व्यवस्था नहीं है।
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कार्यक्रम में मिशन 7374 फाउंडेशन के अध्यक्ष गौरव मलिक ने कहा कि गुरुग्राम को केवल फ्लाईओवर, ड्रेनेज और इंजीनियरिंग परियोजनाओं से नहीं सुधारा जा सकता। गुरुग्राम के शहरी विकास पर प्रस्तुति देते हुए सनी सिंह दौलताबाद ने बताया कि मारुति उद्योग, डीएलएफ विस्तार, हुडा सेक्टरों, निजी कॉलोनियों और हाई-राइज विकास के जरिए शहर का विस्तार पिछले चार दशकों में प्रशासनिक क्षमता से कहीं तेज हुआ।
इसके समाधान के लिए एमसीजी, जीएमडीए, एचएसवीपी और एचएसआईआईडीसी जैसी एजेंसियों के अधिकारियों को आधुनिक शहरी नियोजन, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन और नगर वित्त प्रणाली का प्रशिक्षण देने हेतु हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन डेवलपमेंट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
न्यू गुरुग्राम। एमजी रोड स्थित डेल्टा स्क्वायर में आयोजित गुरुग्राम सिविक लैब-ऑल हैंड्स मीट में शहर की नागरिक समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसका आयोजन मिशन 7374 फाउंडेशन ने डीएक्सपी जीडीए और डिजिटल फ्यूचरिस्ट्स के साथ मिलकर किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि कमजोर स्थानीय शासन समस्याओं की जड़ है।
शहरी योजनाकारों, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों, नागरिक कार्यकर्ताओं, पेशेवरों और शासन विशेषज्ञों ने हरियाणा में 74वें संविधान संशोधन के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग उठाई, ताकि स्थानीय शहरी निकायों को वास्तविक अधिकार दिए जा सकें। बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशासन, टेक्नोलॉजी, वित्त, शहरी नियोजन और नागरिक सक्रियता से जुड़े लगभग 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने कहा कि गुरुग्राम की सामने आने वाली समस्याएं जलभराव, ट्रैफिक जाम, खराब सड़कें, सीवर ओवरफ्लो पर चर्चा की।
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बैठक में शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन की खामियों पर भी चिंता व्यक्त की गई, जिनमें चिंटेल्स हादसा, सीवर ओवरफ्लो और पानी के दबाव में असंतुलन जैसी घटनाएं शामिल हैं। प्रतिभागियों ने कहा कि हरियाणा में प्लानर्स, इंजीनियरों और नगर प्रशासनिक अधिकारियों के लिए सतत प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की संस्थागत व्यवस्था नहीं है।
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कार्यक्रम में मिशन 7374 फाउंडेशन के अध्यक्ष गौरव मलिक ने कहा कि गुरुग्राम को केवल फ्लाईओवर, ड्रेनेज और इंजीनियरिंग परियोजनाओं से नहीं सुधारा जा सकता। गुरुग्राम के शहरी विकास पर प्रस्तुति देते हुए सनी सिंह दौलताबाद ने बताया कि मारुति उद्योग, डीएलएफ विस्तार, हुडा सेक्टरों, निजी कॉलोनियों और हाई-राइज विकास के जरिए शहर का विस्तार पिछले चार दशकों में प्रशासनिक क्षमता से कहीं तेज हुआ।
इसके समाधान के लिए एमसीजी, जीएमडीए, एचएसवीपी और एचएसआईआईडीसी जैसी एजेंसियों के अधिकारियों को आधुनिक शहरी नियोजन, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन और नगर वित्त प्रणाली का प्रशिक्षण देने हेतु हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन डेवलपमेंट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया।