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Gurugram News: फोरमैन के अपहरण के तीन आरोपी गिरफ्तार
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साढ़े आठ लाख के लेन-देन के विवाद में दिया था वारदात को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। खेड़कीदौला थाना क्षेत्र में गन प्वाइंट पर फोरमैन का अपहरण करने के मामले में मानेसर सीआईए की टीम ने अपहरणकर्ताओं से पीड़ित को छुड़वाते हुए तीन आरोपियों को सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने साढ़े आठ लाख के लेन-देन विवाद के चलते वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों से वारदात को अंजाम देने में प्रयोग की गई एक रिवॉल्वर, 3 कारतूस व 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार सोनीपत निवासी अनिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बेटा मनोज कुमार एक बिल्डर कंपनी में बतौर फोरमैन नौकरी करता है। जिसका संदीप नामक युवक से रुपयों का लेन-देन है। उन्होंने बताया कि संदीप ने उनके दूसरे बेटे पंकज को फोन कर बताया कि उनके बेटे मनोज का अपहरण कर लिया। खेड़की दौला थाना पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। मामले में मानेसर क्राइम ब्रांच के प्रभारी एसआई ललित कुमार की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों का पीछा किया और सोनीपत से मनीष कुमार को सकुशल छुड़ाते हुए वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों 42 वर्षीय संदीप उर्फ काला, 28 वर्षीय मोहित व 23 वर्षीय कुनाल को काबू कर लिया।
नौकरी लगवाने के नाम पर लिए थे 15 लाख
एसीपी वरुण दहिया ने बताया कि पूछताछ में संदीप कुमार उर्फ काले ने तीन साल पहले अपने भांजे को बैंक में नौकरी लगाने के लिए अपनी जमीन बेचकर 15 लाख रुपये मनोज को दिए थे। मनोज ने न तो भांजे की नौकरी लगवाई और न ही रुपये वापस किया। रुपये वापस नहीं दे पाने के कारण मनोज ने पहले अपनी कार आरोपी संदीप उर्फ काले को दे दी थी। कार देने के बाद भी मनोज पर साढ़े आठ लाख रुपये बकाया थे। मनोज बकाया रुपया नहीं दे रहा था और इससे छुपकर वह नौरंगपुर में एक सोसाइटी में रह रहा था।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। खेड़कीदौला थाना क्षेत्र में गन प्वाइंट पर फोरमैन का अपहरण करने के मामले में मानेसर सीआईए की टीम ने अपहरणकर्ताओं से पीड़ित को छुड़वाते हुए तीन आरोपियों को सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने साढ़े आठ लाख के लेन-देन विवाद के चलते वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों से वारदात को अंजाम देने में प्रयोग की गई एक रिवॉल्वर, 3 कारतूस व 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार सोनीपत निवासी अनिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बेटा मनोज कुमार एक बिल्डर कंपनी में बतौर फोरमैन नौकरी करता है। जिसका संदीप नामक युवक से रुपयों का लेन-देन है। उन्होंने बताया कि संदीप ने उनके दूसरे बेटे पंकज को फोन कर बताया कि उनके बेटे मनोज का अपहरण कर लिया। खेड़की दौला थाना पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। मामले में मानेसर क्राइम ब्रांच के प्रभारी एसआई ललित कुमार की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों का पीछा किया और सोनीपत से मनीष कुमार को सकुशल छुड़ाते हुए वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों 42 वर्षीय संदीप उर्फ काला, 28 वर्षीय मोहित व 23 वर्षीय कुनाल को काबू कर लिया।
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नौकरी लगवाने के नाम पर लिए थे 15 लाख
एसीपी वरुण दहिया ने बताया कि पूछताछ में संदीप कुमार उर्फ काले ने तीन साल पहले अपने भांजे को बैंक में नौकरी लगाने के लिए अपनी जमीन बेचकर 15 लाख रुपये मनोज को दिए थे। मनोज ने न तो भांजे की नौकरी लगवाई और न ही रुपये वापस किया। रुपये वापस नहीं दे पाने के कारण मनोज ने पहले अपनी कार आरोपी संदीप उर्फ काले को दे दी थी। कार देने के बाद भी मनोज पर साढ़े आठ लाख रुपये बकाया थे। मनोज बकाया रुपया नहीं दे रहा था और इससे छुपकर वह नौरंगपुर में एक सोसाइटी में रह रहा था।
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