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Gurugram News: दुकानदारों ने बनवाया टॉयलेट राशि मिल रही ठेकेदार को
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सेक्टर-15 पार्ट टू हुडा मार्केट के व्यवसायियों ने संवाद में रखीं समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-15 पार्ट टू के हुडा मार्केट में बृहस्पतिवार को आयोजित संवाद में व्यवसायियों ने मार्केट की देखरेख से जुड़ी विसंगतियों और अन्य समस्याओं पर चर्चा की।
सेक्टर 15 पार्ट टू के हुडा मार्केट के व्यवसायियों को नगर निगम से कई शिकायतें हैं। एसोसिएशन ने बाजार के बदहाल टॉयलेट को करीब चार लाख रुपये खर्च कर नया बनवाया। दो लाख खर्च कर उसकी बिजली के लिए सोलर पैनल और पानी की टंकी आदि लगवाई महिला और पुरुष दोनों टॉयलेट का कायाकल्प किया। वहां नियमित सफाईकर्मी तैनात कर दिया, उसे वेतन भी एसोसिएशन देती है। मगर नगर निगम की ओर सफाई के लिए प्रति माह मिलने वाले 36000 रुपये नगर निगम के ठेकेदार को मिलते हैं, क्योंकि टॉयलेट नगर निगम का है। व्यवसायियों ने कहा कि किसी भी सेक्टर मार्केट में मॉल जैसे टॉयलेट की सुविधा नहीं है, मगर उन्होंने अपने खर्च से इसे बेहतर बनाया। यही नहीं मार्केट की नियमित सफाई, सुरक्षा गार्ड की तैनाती, त्योहारों पर सजावट, नियमित सामूहिक आयोजन भी वे करते हैं। त्योहार के समय पर दुकानों के सामने दो-तीन दिनों के लिए राखी की दुकानें सजाई तो नगर निगम के कर्मी चालान काटने आए गए। इस बाजार में 138 दुकानें हैं, जिनमें से 60 दुकानों की देखरेख का जिम्मा उनकी एसोसिएशन का है। जिसमें सारी व्यवस्था जो नगर निगम को करनी चाहिए, दुकानदार अपने खर्च पर कर रहे हैं। ये दुकानें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के तहत बेची गई है मगर उनकी दुकानों की ओर न तो पेयजल की लाइन है और न सीवेज की लाइन। सुरक्षा, सीवेज ओवरफ्लो जैसी कई दिक्कतें उन्हें झेलनी पड़ रही है।
मार्केट में नगर निगम की ओर से कोई काम नहीं होता है। पुलिस वैन की तैनाती इस इलाके में होनी चाहिए। यहां हाई मास्ट लाइट नहीं जलती है। मार्केट के आधे हिस्से में न तो पानी है और सीवेज लाइन है।
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- संत कुमार
दुकानदारों के पैसे से एसोसिएशन ने मार्केट का वॉशरूम बनवाया ताकि यहां आने लोगों को परेशानी नहीं हो। उसकी देख-रेख भी हमलोग ही करवा रहे हैं। मगर इस मद की राशि महीने में 36000 रुपये नगर निगम ठेकेदार को देता है, क्योंकि टॉयलेट की बिल्डिंग नगर निगम की है।
मनोज जैन, महासचिव, मार्केट एसोसिएशन
मार्केट में लगी हाईमास्ट स्ट्रीट लाइट नहीं जलती है। सुरक्षा की जरूरत है। दुकानों के पीछे रात के वक्त लोग गाड़ियों में शराब पीते हैं। यहां एक महिलाओं को आने में परेशानी होती है।
- नितिन जैन
मार्केट की सफाई, टॉयलेट निर्माण, उसकी देखरेख, सुरक्षा गार्ड जैसे सारे काम मार्केट के दुकानदार कराते हैं। मार्केट के एक हिस्से में न तो पेयजल की लाइन आई है और न ही सीवेज की लाइन आई है। नगर निगम का रोल केवल चालान काटने का होता है।
- सोनू मलिक, उपाध्यक्ष
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-15 पार्ट टू के हुडा मार्केट में बृहस्पतिवार को आयोजित संवाद में व्यवसायियों ने मार्केट की देखरेख से जुड़ी विसंगतियों और अन्य समस्याओं पर चर्चा की।
सेक्टर 15 पार्ट टू के हुडा मार्केट के व्यवसायियों को नगर निगम से कई शिकायतें हैं। एसोसिएशन ने बाजार के बदहाल टॉयलेट को करीब चार लाख रुपये खर्च कर नया बनवाया। दो लाख खर्च कर उसकी बिजली के लिए सोलर पैनल और पानी की टंकी आदि लगवाई महिला और पुरुष दोनों टॉयलेट का कायाकल्प किया। वहां नियमित सफाईकर्मी तैनात कर दिया, उसे वेतन भी एसोसिएशन देती है। मगर नगर निगम की ओर सफाई के लिए प्रति माह मिलने वाले 36000 रुपये नगर निगम के ठेकेदार को मिलते हैं, क्योंकि टॉयलेट नगर निगम का है। व्यवसायियों ने कहा कि किसी भी सेक्टर मार्केट में मॉल जैसे टॉयलेट की सुविधा नहीं है, मगर उन्होंने अपने खर्च से इसे बेहतर बनाया। यही नहीं मार्केट की नियमित सफाई, सुरक्षा गार्ड की तैनाती, त्योहारों पर सजावट, नियमित सामूहिक आयोजन भी वे करते हैं। त्योहार के समय पर दुकानों के सामने दो-तीन दिनों के लिए राखी की दुकानें सजाई तो नगर निगम के कर्मी चालान काटने आए गए। इस बाजार में 138 दुकानें हैं, जिनमें से 60 दुकानों की देखरेख का जिम्मा उनकी एसोसिएशन का है। जिसमें सारी व्यवस्था जो नगर निगम को करनी चाहिए, दुकानदार अपने खर्च पर कर रहे हैं। ये दुकानें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के तहत बेची गई है मगर उनकी दुकानों की ओर न तो पेयजल की लाइन है और न सीवेज की लाइन। सुरक्षा, सीवेज ओवरफ्लो जैसी कई दिक्कतें उन्हें झेलनी पड़ रही है।
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मार्केट में नगर निगम की ओर से कोई काम नहीं होता है। पुलिस वैन की तैनाती इस इलाके में होनी चाहिए। यहां हाई मास्ट लाइट नहीं जलती है। मार्केट के आधे हिस्से में न तो पानी है और सीवेज लाइन है।
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- संत कुमार
दुकानदारों के पैसे से एसोसिएशन ने मार्केट का वॉशरूम बनवाया ताकि यहां आने लोगों को परेशानी नहीं हो। उसकी देख-रेख भी हमलोग ही करवा रहे हैं। मगर इस मद की राशि महीने में 36000 रुपये नगर निगम ठेकेदार को देता है, क्योंकि टॉयलेट की बिल्डिंग नगर निगम की है।
मनोज जैन, महासचिव, मार्केट एसोसिएशन
मार्केट में लगी हाईमास्ट स्ट्रीट लाइट नहीं जलती है। सुरक्षा की जरूरत है। दुकानों के पीछे रात के वक्त लोग गाड़ियों में शराब पीते हैं। यहां एक महिलाओं को आने में परेशानी होती है।
- नितिन जैन
मार्केट की सफाई, टॉयलेट निर्माण, उसकी देखरेख, सुरक्षा गार्ड जैसे सारे काम मार्केट के दुकानदार कराते हैं। मार्केट के एक हिस्से में न तो पेयजल की लाइन आई है और न ही सीवेज की लाइन आई है। नगर निगम का रोल केवल चालान काटने का होता है।
- सोनू मलिक, उपाध्यक्ष