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Gurugram News: बारिश का मौसम आने को तैयार, नहीं हुआ जलभराव की समस्या का समाधान
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शहर से लेकर गांव तक जल निकासी की नहीं है कोई व्यवस्था, मामूली बारिश में ही सड़क तालाबों में बदल जाती हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। दो महीने बाद फिर से बारिश आना शुरू हो जाएगी। लेकिन किसी ने भी नूंह में जलभराव की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। जिससे शहर में मामूली बारिश में जगह-जगह तालाब बन जाते है। वर्षा के बाद कई-कई दिनों तक जलभराव रहता है। इससे लोगों का जीना मुहाल होने के साथ ही बीमारियों का भी खतरा बना रहता है। प्रशासन द्वारा हर बार जल निकासी के वादे तो किए जाते है, लेकिन बारिश खत्म होने के बाद प्रशासन समस्या को भूल जाता है।
यह हालत तब है जब सरकारी कार्यालय भी जल भराव की समस्या से अछूते नहीं है। ऐसे में लोग जमकर प्रशासन को कोसते है । लोगों का कहना है कि दो महीने बाद फिर बारिश शुरू हो जाएगी और प्रशासन का इस समाधान के लिए अब तक कोई तैयारी नहीं की है। जल भराव के बाद प्रशासन आनन-फानन में खानापूर्ति करेगा। लेकिन इस बारे में कोई स्थाई समाधान नहीं निकला गया है।बता दें कि जल निकासी के नाम पर शहर से लेकर गांवों में सरकार के करोड़ों रुपये खर्च हुए दिखाए जाते हैं , लेकिन इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया जाता है। जलभराव को लेकर जिले में सबसे ज्यादा बुरा हाल नूंह का है। शहर में भी बुरा हाल है। वर्षा आने पर हालात और भी खराब हो जाते हैं। नूंह शहर में लोग परेशान हैं।
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यहां भरता है पानी
नूंह शहर में जगह-जगह जल भराव के अलावा यासीन मेव डिग्री कॉलेज, महिला थाना , जिला स्तरीय डाकघर, कृषि विभाग उपनिदेशक कार्यालय, रेड क्रॉस कार्यालय के अलावा, नगरपरिषद कार्यालय, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, वार्ड-12 में तालाब के आस-पास का क्षेत्र, दशहरा मैदान।
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जलभराव से तीन दर्जन गांवों में फसलें खराब
करीब तीन दर्जन गांव ऐसे हैं जहां पानी अधिक भरा हुआ होने के कारण फसल खराब हो गई है तथा आगामी फसल की भी उम्मीद बहुत कम होती है। इस समस्या से पुनहाना, फिरोजपुर झिरका, पिनगवां, तावडू भी अछूते नहीं है। यहां भी जल भराव की काफी समस्या है लेकिन प्रशासन की तरफ से इस और कोई खास ध्यान नहीं दिया जा रहा है । जिन उपकरणों से जल निकासी की व्यवस्था की जा रही है वह पर्याप्त नहीं हैं।
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नहीं है किसी का कोई ध्यान:
शहर में जलभराव को लेकर थान सिंह कश्यप, कुलवंत बघेल, प्रवीण शर्मा, आसिफ अली चंदेनी, मोहम्मद सिराज, राहुल खान, रविंद्र कुमार आदि का कहना है कि यह एक गंभीर समस्या है। जिस पर न तो नप प्रशासन और न ही जिला प्रशासन का कोई ध्यान है। हर वर्ष शहर में जलभराव की समस्या बनी रहती है, लेकिन अभी तक भी कोई समाधान नहीं निकाला गया है।
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हम लगातार सीवरेज को पूरी तरह से शुरू कराने के लिए संबंधित विभाग को बार-बार कह रहे हैं ।इसके साथ ही कुछ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को चालू कराया जाएगा। जल्द ही इस संदर्भ में एक योजना बनाकर काम कराया जाएगा।
संजय मनोचा , चेयरमैन नप नूंह।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। दो महीने बाद फिर से बारिश आना शुरू हो जाएगी। लेकिन किसी ने भी नूंह में जलभराव की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। जिससे शहर में मामूली बारिश में जगह-जगह तालाब बन जाते है। वर्षा के बाद कई-कई दिनों तक जलभराव रहता है। इससे लोगों का जीना मुहाल होने के साथ ही बीमारियों का भी खतरा बना रहता है। प्रशासन द्वारा हर बार जल निकासी के वादे तो किए जाते है, लेकिन बारिश खत्म होने के बाद प्रशासन समस्या को भूल जाता है।
यह हालत तब है जब सरकारी कार्यालय भी जल भराव की समस्या से अछूते नहीं है। ऐसे में लोग जमकर प्रशासन को कोसते है । लोगों का कहना है कि दो महीने बाद फिर बारिश शुरू हो जाएगी और प्रशासन का इस समाधान के लिए अब तक कोई तैयारी नहीं की है। जल भराव के बाद प्रशासन आनन-फानन में खानापूर्ति करेगा। लेकिन इस बारे में कोई स्थाई समाधान नहीं निकला गया है।बता दें कि जल निकासी के नाम पर शहर से लेकर गांवों में सरकार के करोड़ों रुपये खर्च हुए दिखाए जाते हैं , लेकिन इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया जाता है। जलभराव को लेकर जिले में सबसे ज्यादा बुरा हाल नूंह का है। शहर में भी बुरा हाल है। वर्षा आने पर हालात और भी खराब हो जाते हैं। नूंह शहर में लोग परेशान हैं।
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यहां भरता है पानी
नूंह शहर में जगह-जगह जल भराव के अलावा यासीन मेव डिग्री कॉलेज, महिला थाना , जिला स्तरीय डाकघर, कृषि विभाग उपनिदेशक कार्यालय, रेड क्रॉस कार्यालय के अलावा, नगरपरिषद कार्यालय, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, वार्ड-12 में तालाब के आस-पास का क्षेत्र, दशहरा मैदान।
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जलभराव से तीन दर्जन गांवों में फसलें खराब
करीब तीन दर्जन गांव ऐसे हैं जहां पानी अधिक भरा हुआ होने के कारण फसल खराब हो गई है तथा आगामी फसल की भी उम्मीद बहुत कम होती है। इस समस्या से पुनहाना, फिरोजपुर झिरका, पिनगवां, तावडू भी अछूते नहीं है। यहां भी जल भराव की काफी समस्या है लेकिन प्रशासन की तरफ से इस और कोई खास ध्यान नहीं दिया जा रहा है । जिन उपकरणों से जल निकासी की व्यवस्था की जा रही है वह पर्याप्त नहीं हैं।
नहीं है किसी का कोई ध्यान:
शहर में जलभराव को लेकर थान सिंह कश्यप, कुलवंत बघेल, प्रवीण शर्मा, आसिफ अली चंदेनी, मोहम्मद सिराज, राहुल खान, रविंद्र कुमार आदि का कहना है कि यह एक गंभीर समस्या है। जिस पर न तो नप प्रशासन और न ही जिला प्रशासन का कोई ध्यान है। हर वर्ष शहर में जलभराव की समस्या बनी रहती है, लेकिन अभी तक भी कोई समाधान नहीं निकाला गया है।
हम लगातार सीवरेज को पूरी तरह से शुरू कराने के लिए संबंधित विभाग को बार-बार कह रहे हैं ।इसके साथ ही कुछ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को चालू कराया जाएगा। जल्द ही इस संदर्भ में एक योजना बनाकर काम कराया जाएगा।
संजय मनोचा , चेयरमैन नप नूंह।