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Gurugram News: बृज चौरासी कोस परिक्रमा में मुस्लिम समाज ने संभाली सेवा की कमान
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-गंगा-जमुनी तहजीब की कायम की मिसाल, फल, शरबत व ठंडा पानी कर रहे वितरित
गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। मेवात क्षेत्र एक बार फिर आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल बनकर सामने आया है। यहां के लोगों ने यह साबित कर दिया कि धर्म और समुदाय से ऊपर इंसानियत और भाईचारा होता है। भीषण गर्मी और झुलसाने वाली धूप के बीच पिछले आठ दिनों से चल रही बृज चौरासी कोस परिक्रमा में मुस्लिम समुदाय के लोग बढ़-चढ़कर श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हुए हैं।
बिछोर गांव के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ और नौगांवा क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में मुस्लिम युवक व ग्रामीण परिक्रमा मार्ग पर सेवा कार्य कर रहे हैं। कहीं श्रद्धालुओं को ठंडा पेयजल वितरित किया जा रहा है तो कहीं फलों और शरबत की व्यवस्था की गई है। दोपहर के समय तेज धूप में सड़क किनारे खड़े होकर युवक यात्रियों को पानी पिलाते और आराम के लिए सहयोग करते नजर आ रहे हैं। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे तौफीक बिछोर, रशीद रामगढ़, बंटी, आरिफ दुंदावल, सद्दाम रामगढ़, फजरू रामगढ़, नोमान खान मेवाती, फकरू मास्टर का कहना है कि लोगों की सेवा करने में मन को जो सुकून मिलता है तो कहीं नहीं मिलता।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मेवात क्षेत्र हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द के लिए जाना जाता रहा है। यहां हालात चाहे जैसे भी रहे हों, लेकिन भाईचारे की परंपरा कभी कमजोर नहीं पड़ी। कुछ दिन पहले आयोजित तब्लीगी जलसे में भी हिंदू समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया था। जलसे में आए लोगों के लिए खाने-पीने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में हिंदू समाज के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब बृज चौरासी कोस परिक्रमा में मुस्लिम समाज द्वारा की जा रही सेवा उसी भाईचारे की परंपरा को आगे बढ़ा रही है।
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गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। मेवात क्षेत्र एक बार फिर आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल बनकर सामने आया है। यहां के लोगों ने यह साबित कर दिया कि धर्म और समुदाय से ऊपर इंसानियत और भाईचारा होता है। भीषण गर्मी और झुलसाने वाली धूप के बीच पिछले आठ दिनों से चल रही बृज चौरासी कोस परिक्रमा में मुस्लिम समुदाय के लोग बढ़-चढ़कर श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हुए हैं।
बिछोर गांव के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ और नौगांवा क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में मुस्लिम युवक व ग्रामीण परिक्रमा मार्ग पर सेवा कार्य कर रहे हैं। कहीं श्रद्धालुओं को ठंडा पेयजल वितरित किया जा रहा है तो कहीं फलों और शरबत की व्यवस्था की गई है। दोपहर के समय तेज धूप में सड़क किनारे खड़े होकर युवक यात्रियों को पानी पिलाते और आराम के लिए सहयोग करते नजर आ रहे हैं। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे तौफीक बिछोर, रशीद रामगढ़, बंटी, आरिफ दुंदावल, सद्दाम रामगढ़, फजरू रामगढ़, नोमान खान मेवाती, फकरू मास्टर का कहना है कि लोगों की सेवा करने में मन को जो सुकून मिलता है तो कहीं नहीं मिलता।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि मेवात क्षेत्र हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द के लिए जाना जाता रहा है। यहां हालात चाहे जैसे भी रहे हों, लेकिन भाईचारे की परंपरा कभी कमजोर नहीं पड़ी। कुछ दिन पहले आयोजित तब्लीगी जलसे में भी हिंदू समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया था। जलसे में आए लोगों के लिए खाने-पीने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में हिंदू समाज के लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब बृज चौरासी कोस परिक्रमा में मुस्लिम समाज द्वारा की जा रही सेवा उसी भाईचारे की परंपरा को आगे बढ़ा रही है।
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