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Gurugram News: कागजों में उलझी सीएचसी भवन की फाइल, ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहीं सुविधाएं
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18 करोड़ की लागत से तैयार होगी तिगांव सीएचसी की बिल्डिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। डेढ़ साल पहले सरकार ने क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए तिगांव की पीएचसी को अपग्रेड कर दिया था। अपग्रेड कर सीएचसी का दर्जा तो दे दिया लेकिन विभाग की अनदेखी के कारण नई बिल्डिंग का निर्माण अभी तक नहीं कराया गया। मरीजों को सीएचसी स्तर की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
लोग इसे स्वास्थ्य विभाग की लेटलतीफी मान रहे हैं। इससे 21 गावों के 70 हजार की आबादी को सीएचसी स्तर की सुविधाओं का लाभ मिलता। करीब डेढ़ साल से सीएचसी की नई बिल्डिंग बनाने की प्रक्रिया कागजों में ही उलझी हुई है। विभाग के मुताबिक, सीएचसी के नए भवन को बनाने में 18 करोड़ रुपये की लागत खर्च की जाएगी। जिसके बाद यहां पर स्टाफ बढ़ने के साथ-साथ सुविधाएं भी बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। सीएचसी की नई भवन पंचायत राज द्वारा बनवाई जाएगी।
तिगांव पीएचसी के अंतर्गत तीन सब सेंटर और 21 गांव लगते हैं। करीब डेढ़ साल पहले सरकार ने तिगांव पीएचसी को सीएचसी का दर्जा दिया, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें लेकिन सीएचसी की सौगात को सिरे चढ़ाने में स्वास्थ्य विभाग और पंचायत राज दोनों ही कम रुचि ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उन्होंने अपनी कार्रवाई पूरी कर ली है, भवन बनाने की प्रक्रिया पंचायत राज को आगे बढ़ानी है। फकरुद्दीन तिगांव, लुकमान, इस्लाम, अजरुद्दीन व अब्दुल रशीद का कहना है कि पीएचसी पर दंत चिकित्सक नहीं बैठने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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इन गांवों को मिलेगा फायदा
गांव तिगांव, घटवासन, गदेलाबास, सिरसबास, जेतलका, कादर वास, लठमार बास, लुहिंगा खुर्द, मल्हाका, खोरी, बडेड, बूबलहेड़ी, ढाना, चांदड़ाका, बूचाका, डूंगेजा, झारपुड़ी, लुहिंगा कलां, नंगला लुहिंगा, टूंडलाका, गोधोला, नेवाना।
वर्जन
सीएचसी की नई बिल्डिंग को पंचायत राज द्वारा बनवाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने अपना काम पूरा कर लिया है। उम्मीद है कि जल्द सीएचसी का नया भवन बनाने का काम शुरू हो जाएगा। -डाॅ. सर्वजीत थापर, सिविल सर्जन नूंह।
फोटो कैप्शन- पुरानी बिल्डिंग में चल रहा अस्पताल।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। डेढ़ साल पहले सरकार ने क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए तिगांव की पीएचसी को अपग्रेड कर दिया था। अपग्रेड कर सीएचसी का दर्जा तो दे दिया लेकिन विभाग की अनदेखी के कारण नई बिल्डिंग का निर्माण अभी तक नहीं कराया गया। मरीजों को सीएचसी स्तर की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
लोग इसे स्वास्थ्य विभाग की लेटलतीफी मान रहे हैं। इससे 21 गावों के 70 हजार की आबादी को सीएचसी स्तर की सुविधाओं का लाभ मिलता। करीब डेढ़ साल से सीएचसी की नई बिल्डिंग बनाने की प्रक्रिया कागजों में ही उलझी हुई है। विभाग के मुताबिक, सीएचसी के नए भवन को बनाने में 18 करोड़ रुपये की लागत खर्च की जाएगी। जिसके बाद यहां पर स्टाफ बढ़ने के साथ-साथ सुविधाएं भी बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। सीएचसी की नई भवन पंचायत राज द्वारा बनवाई जाएगी।
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तिगांव पीएचसी के अंतर्गत तीन सब सेंटर और 21 गांव लगते हैं। करीब डेढ़ साल पहले सरकार ने तिगांव पीएचसी को सीएचसी का दर्जा दिया, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें लेकिन सीएचसी की सौगात को सिरे चढ़ाने में स्वास्थ्य विभाग और पंचायत राज दोनों ही कम रुचि ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उन्होंने अपनी कार्रवाई पूरी कर ली है, भवन बनाने की प्रक्रिया पंचायत राज को आगे बढ़ानी है। फकरुद्दीन तिगांव, लुकमान, इस्लाम, अजरुद्दीन व अब्दुल रशीद का कहना है कि पीएचसी पर दंत चिकित्सक नहीं बैठने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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इन गांवों को मिलेगा फायदा
गांव तिगांव, घटवासन, गदेलाबास, सिरसबास, जेतलका, कादर वास, लठमार बास, लुहिंगा खुर्द, मल्हाका, खोरी, बडेड, बूबलहेड़ी, ढाना, चांदड़ाका, बूचाका, डूंगेजा, झारपुड़ी, लुहिंगा कलां, नंगला लुहिंगा, टूंडलाका, गोधोला, नेवाना।
वर्जन
सीएचसी की नई बिल्डिंग को पंचायत राज द्वारा बनवाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने अपना काम पूरा कर लिया है। उम्मीद है कि जल्द सीएचसी का नया भवन बनाने का काम शुरू हो जाएगा। -डाॅ. सर्वजीत थापर, सिविल सर्जन नूंह।
फोटो कैप्शन- पुरानी बिल्डिंग में चल रहा अस्पताल।