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Gurugram: चिनटेल्स के निदेशक पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, सीबीआई ने दर्ज की है तीसरी एफआईआर

Wed, 18 Jan 2023 07:36 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 18 Jan 2023 07:36 PM IST
सार

10 फरवरी 2022 को सोसाइटी की डी टावर में हादसा होने के बाद दो महिलाओं की मौत हो गई थी।

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sword of arrest hangs on the director of Chintels
सीबीआई की छापेमारी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गुरुग्राम के सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा अलग से रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद बिल्डर पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। थाना बझेडा पुलिस द्वारा दिए गए मुकदमे के मुकाबले सीबीआई द्वारा दर्ज की गई कहीं ज्यादा वजनदार और गंभीर किस्म की धाराएं लिए हुए है। अभी तक इस मामले में एक गिरफ्तारी आर्किटेक्ट की हुई है। इसके बाद अब सोसाइटी के निवासियों ने भी उनके साथ न्याय होने की उम्मीद जताई है।

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10 फरवरी 2022 को सोसाइटी की डी टावर में हादसा होने के बाद दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद इस मामले में पहला मुकदमा 12 फरवरी को दर्ज हुआ था। इसमें चिनटेल्स समूह के निदेशक अशोक सोलोमन और प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्टर भयाना बिल्डर्स के को नामजद करते हुए धारा-304ए (लापरवाही के चलते हुई मौत) में मुकदमा दर्ज किया गया था।

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इसके बाद 13 फरवरी को एक मुकदमा और दर्ज हुआ इसमें चिनटेल्स के निदेशक, भयाना बिल्डर सहित स्ट्रक्चरल इंजीनियर और अर्किटेक्ट को भी शामिल किया गया। इनके खिलाफ धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), 417 (फर्जीवाड़ा), 420 (धोखाधड़ी और फ्लैट देने में इमानदारी नहीं बरतना), 465 (जालसाजी), 471 (फर्जी कागजों का इस्तेमाल) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

इसके बाद पहले दर्ज किए गए मुकदमे में 15 फरवरी को धारा 304 (2) गैर इरादतन हत्या की धारा और जोड़ दी गई। अब 17 जनवरी 2023 को सीबीआई ने निदेशक अशोक सोलोमन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसमें 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), 417 (फर्जीवाड़ा), 420 (धोखाधड़ी और फ्लैट देने में इमानदारी नहीं बरतना), 465 (जालसाजी), 467 (सुरक्षा के मामले में जालसाजी), 468 (छल करने के लिए फर्जीवाड़ा), 471(फर्जी कागजों का इस्तेमाल मकसद के लिए करना) जैसी धाराएं शामिल हैं। सोसाइटी के निवासी कहते हैं कि करीब एक साल बाद इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई हुई है। अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है।

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