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Gurugram News: नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए स्कूलों में सर्वे
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आठवीं कक्षा तक के छात्रों की योग्यता अनुसार बदलाव करने पर होगा विचार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के लिए नई शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) लागू करने से पहले एक सर्वे किया जाएगा। इसमें बच्चों की योग्यता का आंकलन किया जाएगा। सर्वे के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट और स्कूल स्तर पर किए जाने वाले प्रयास के आधार पर बदलाव लागू किए जाएंगे। एनईपी के तीन साल पूरे हो चुके हैं। आगामी 2025 तक इसे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
विद्यार्थियों के लिए किसी भी नए बदलाव को लागू करने से पहले उनकी मौजूदा ज्ञान क्षमता का आंकलन सर्वे से किया जा रहा है। एनईपी के अनुसार स्कूलों में पांच प्लस तीन प्लस तीन का फार्मूला लागू किया जाएगा। पहले पांच में नर्सरी से दूसरी कक्षा तक आधारभूत स्तर के बच्चों के लिए बदलाव किए जाएंगे। इसके बाद दूसरी से पांचवीं तक प्रारंभिक चरण फिर पांचवीं से आठवीं तक मध्यम स्तर यानी मिडिल स्टेज पर बदलाव लागू होंगे। इसमें भारतीय भाषा का ज्ञान, व्यवहारिक शिक्षा जैसे बदलाव लागू होंगे। ऐसे में बच्चों की मौजूदा स्थिति का आंकलन करते हुए चरणबद्ध तरीके से यह बदलाव लागू किए जाएंगे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमन दहिया ने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में एनईपी 2025 से प्रभावी होगी। इसके लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के लिए नई शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) लागू करने से पहले एक सर्वे किया जाएगा। इसमें बच्चों की योग्यता का आंकलन किया जाएगा। सर्वे के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट और स्कूल स्तर पर किए जाने वाले प्रयास के आधार पर बदलाव लागू किए जाएंगे। एनईपी के तीन साल पूरे हो चुके हैं। आगामी 2025 तक इसे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
विद्यार्थियों के लिए किसी भी नए बदलाव को लागू करने से पहले उनकी मौजूदा ज्ञान क्षमता का आंकलन सर्वे से किया जा रहा है। एनईपी के अनुसार स्कूलों में पांच प्लस तीन प्लस तीन का फार्मूला लागू किया जाएगा। पहले पांच में नर्सरी से दूसरी कक्षा तक आधारभूत स्तर के बच्चों के लिए बदलाव किए जाएंगे। इसके बाद दूसरी से पांचवीं तक प्रारंभिक चरण फिर पांचवीं से आठवीं तक मध्यम स्तर यानी मिडिल स्टेज पर बदलाव लागू होंगे। इसमें भारतीय भाषा का ज्ञान, व्यवहारिक शिक्षा जैसे बदलाव लागू होंगे। ऐसे में बच्चों की मौजूदा स्थिति का आंकलन करते हुए चरणबद्ध तरीके से यह बदलाव लागू किए जाएंगे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमन दहिया ने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में एनईपी 2025 से प्रभावी होगी। इसके लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
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