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Gurugram News: 1.66 करोड़ की लागत से बना खेल स्टेडियम खंडहर में तब्दील
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16 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी नहीं हुआ उद्घाटन
-शराबी और नशेड़ियों का अड्डा बना, अफसर मस्त
पुष्पेंद्र शर्मा
फिरोजपुर झिरका। भले ही सरकार प्रदेश में खेल एवं खेल से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही हो, लेकिन स्थिति सुधरती नजर नहीं आ रही है। नूंह जिले में बना खेल स्टेडियम इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। 1.66 करोड़ की लागत से बना यह स्टेडियम देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गया है और खिलाड़ियों के बजाय शराबी एवं नशेड़ियों का अड्डा बनकर रह गया है। क्षेत्र के खेल प्रेमियों ने सरकार एवं जिला उपायुक्त सहित प्रदेश के खेल मंत्री से खेल स्टेडियमों की दशा सुधारने की मांग की है।
बता दें कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में बीते 16 वर्ष पूर्व नूंह जिले में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए खंड व ग्रामीण स्तर पर खेल स्टेडियमों का निर्माण करवाया गया था। फिरोजपुर झिरका की अरावली की वादियों में लगभग 17 एकड़ भूमि में एक करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा स्टेडियम बनाने का बीड़ा उठाया गया था। सरकार ने स्टेडियम तो बना दिए, लेकिन इनमें वो सुविधाएं स्थापित नहीं कर सकी जिससे खेल से जुड़ी प्रतिभाओं को फायदा हो। यहां बने खेल स्टेडियमों की हालत इतनी खराब है कि वह खंडहर में तब्दील हो गए हैं। जिले के खेल विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी से खंडहर बने इन स्टेडियमों से खेल प्रेमी खासे नाराज हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले में खेल और उससे जुडी सुविधाओं को निखारने के लिए 2008 में खंड स्तर पर हरियाणा राज्य कृषी विपणन बोर्ड के माध्यम से राजीव गांधी खेल परिसर के अंत्तर्गत जिले के फिरोजपुर झिरका, कामेेंडा, पिनगवां, सिरोली, मढ़ी, नगीना, तावडू और नूंह इत्यादि में करीब पांच करोड रुपये की लागत से स्टेडियमों का निर्माण कराया गया था। इन स्टेडियमों के रख रखाव एवं स्टाफ की आज तक नियुक्ति नहीं हुई। खेल प्रेमी मोहन गोयल एडवोकेट, राकेश जैन, अशोक सोनी, हाकम, आलम, शमीम अहमद, नसीम अहमद, अमित ठाकुर ,नीरज पाहुजा सहित दर्जन भर से अधिक खेल प्रेमियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खेल मंत्री गौरव गौतम एवं जिला उपायुक्त प्रशांत पवार से गुहार लगाते हुए स्टेडियमों की दशा सुधारने की मांग की है।
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वर्जन
जिला खेल विभाग की ओर से जिले के सभी खेल स्टेडियमों की दशा सुधारने के लिए एस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है । जैसे ही अप्रूवल मिलेगी, वैसे ही खेल स्टेडियम की रखरखाव के साथ दशा सुधारने का काम किया जाएगा। स्टाफ की भारी कमी है जिसके बारे में भी उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है ।
मनोज कुमार शर्मा, जिला खेल अधिकारी नूंह।
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प्रदेश सरकार सभी खेल स्टेडियम के जीर्णोद्धार और विकास पर काम कर रही है। मेवात जिले में भी खेल स्टेडियम के हालात सुधारने का हर संभव प्रयास किया जाएगा और खेल कोच की नियुक्ति की जाएगी ।
गौरव गौतम, खेल एवं युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री हरियाणा सरकार।
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-शराबी और नशेड़ियों का अड्डा बना, अफसर मस्त
पुष्पेंद्र शर्मा
फिरोजपुर झिरका। भले ही सरकार प्रदेश में खेल एवं खेल से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही हो, लेकिन स्थिति सुधरती नजर नहीं आ रही है। नूंह जिले में बना खेल स्टेडियम इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। 1.66 करोड़ की लागत से बना यह स्टेडियम देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गया है और खिलाड़ियों के बजाय शराबी एवं नशेड़ियों का अड्डा बनकर रह गया है। क्षेत्र के खेल प्रेमियों ने सरकार एवं जिला उपायुक्त सहित प्रदेश के खेल मंत्री से खेल स्टेडियमों की दशा सुधारने की मांग की है।
बता दें कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में बीते 16 वर्ष पूर्व नूंह जिले में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए खंड व ग्रामीण स्तर पर खेल स्टेडियमों का निर्माण करवाया गया था। फिरोजपुर झिरका की अरावली की वादियों में लगभग 17 एकड़ भूमि में एक करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा स्टेडियम बनाने का बीड़ा उठाया गया था। सरकार ने स्टेडियम तो बना दिए, लेकिन इनमें वो सुविधाएं स्थापित नहीं कर सकी जिससे खेल से जुड़ी प्रतिभाओं को फायदा हो। यहां बने खेल स्टेडियमों की हालत इतनी खराब है कि वह खंडहर में तब्दील हो गए हैं। जिले के खेल विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी से खंडहर बने इन स्टेडियमों से खेल प्रेमी खासे नाराज हैं।
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उल्लेखनीय है कि जिले में खेल और उससे जुडी सुविधाओं को निखारने के लिए 2008 में खंड स्तर पर हरियाणा राज्य कृषी विपणन बोर्ड के माध्यम से राजीव गांधी खेल परिसर के अंत्तर्गत जिले के फिरोजपुर झिरका, कामेेंडा, पिनगवां, सिरोली, मढ़ी, नगीना, तावडू और नूंह इत्यादि में करीब पांच करोड रुपये की लागत से स्टेडियमों का निर्माण कराया गया था। इन स्टेडियमों के रख रखाव एवं स्टाफ की आज तक नियुक्ति नहीं हुई। खेल प्रेमी मोहन गोयल एडवोकेट, राकेश जैन, अशोक सोनी, हाकम, आलम, शमीम अहमद, नसीम अहमद, अमित ठाकुर ,नीरज पाहुजा सहित दर्जन भर से अधिक खेल प्रेमियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खेल मंत्री गौरव गौतम एवं जिला उपायुक्त प्रशांत पवार से गुहार लगाते हुए स्टेडियमों की दशा सुधारने की मांग की है।
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वर्जन
जिला खेल विभाग की ओर से जिले के सभी खेल स्टेडियमों की दशा सुधारने के लिए एस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है । जैसे ही अप्रूवल मिलेगी, वैसे ही खेल स्टेडियम की रखरखाव के साथ दशा सुधारने का काम किया जाएगा। स्टाफ की भारी कमी है जिसके बारे में भी उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है ।
मनोज कुमार शर्मा, जिला खेल अधिकारी नूंह।
प्रदेश सरकार सभी खेल स्टेडियम के जीर्णोद्धार और विकास पर काम कर रही है। मेवात जिले में भी खेल स्टेडियम के हालात सुधारने का हर संभव प्रयास किया जाएगा और खेल कोच की नियुक्ति की जाएगी ।
गौरव गौतम, खेल एवं युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री हरियाणा सरकार।