{"_id":"64822f4990024021470af984","slug":"rescued-the-hostage-girl-from-income-tax-officers-house-for-six-months-gurgaon-news-c-1-1-noi1176-610268-2023-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: आयकर अधिकारी के घर छह महीने से बंधक युवती को छुड़ाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: आयकर अधिकारी के घर छह महीने से बंधक युवती को छुड़ाया
विज्ञापन
- राष्ट्रीय महिला आयोग ने डीसीपी इससे 2 दिन में मांगे विस्तृत रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। राष्ट्रीय महिला आयोग ने 19 वर्षीय एक घरेलू सहायिका को गुरुवार को गुरुग्राम के एक आयकर अधिकारी के घर से छुड़ा लिया। यहां उसे कथित तौर छह महीने तक बंधक बनाकर रखा गया था।
इसके साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग ने डीसीपी ईस्ट से दो दिनों के भीतर पीड़िता के बयान पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।मामला तब सामने आया जब आयोग को युवती द्वारा रिकार्ड किया गया एक वीडियो मिला। इस वीडियो में वह मदद की गुहार लगा रही थी। आयोग ने बयान में कहा कि युवती को नौकरी लगवाने वाले एजेंट द्वारा बंगाल से गुरुग्राम लाया गया था और आईटी अधिकारी के घर घरेलू सहायिका के रूप में भेजा गया था। यहां वह पिछले छह महीनों से काम कर रही थी।आयोग ने कहा, युवती को उसकी सेवाओं के लिए न तो भुगतान किया जा रहा था और न ही बाहर जाने या घर जाने की अनुमति नहीं थी। पीड़िता ने एक अन्य घरेलू सहायिका की मदद से वीडियो बनाया।
महिला आयोग ने कहा कि वीडियो मिलने और मिशन मुक्ति फाउंडेशन से उसकी स्थिति के बारे में अधिक जानकारी एकत्र करने पर, आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और पुलिस से संपर्क किया।इसके बाद पुलिस की एक टीम ने मिशन मुक्ति फाउंडेशन की मदद से गुरुवार को पीड़िता को छुड़ा लिया। फिलहाल युवती को एक आश्रय गृह में स्थानांतरित कर दिया गया और उसका बयान दर्ज किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। राष्ट्रीय महिला आयोग ने 19 वर्षीय एक घरेलू सहायिका को गुरुवार को गुरुग्राम के एक आयकर अधिकारी के घर से छुड़ा लिया। यहां उसे कथित तौर छह महीने तक बंधक बनाकर रखा गया था।
इसके साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग ने डीसीपी ईस्ट से दो दिनों के भीतर पीड़िता के बयान पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।मामला तब सामने आया जब आयोग को युवती द्वारा रिकार्ड किया गया एक वीडियो मिला। इस वीडियो में वह मदद की गुहार लगा रही थी। आयोग ने बयान में कहा कि युवती को नौकरी लगवाने वाले एजेंट द्वारा बंगाल से गुरुग्राम लाया गया था और आईटी अधिकारी के घर घरेलू सहायिका के रूप में भेजा गया था। यहां वह पिछले छह महीनों से काम कर रही थी।आयोग ने कहा, युवती को उसकी सेवाओं के लिए न तो भुगतान किया जा रहा था और न ही बाहर जाने या घर जाने की अनुमति नहीं थी। पीड़िता ने एक अन्य घरेलू सहायिका की मदद से वीडियो बनाया।
विज्ञापन
महिला आयोग ने कहा कि वीडियो मिलने और मिशन मुक्ति फाउंडेशन से उसकी स्थिति के बारे में अधिक जानकारी एकत्र करने पर, आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और पुलिस से संपर्क किया।इसके बाद पुलिस की एक टीम ने मिशन मुक्ति फाउंडेशन की मदद से गुरुवार को पीड़िता को छुड़ा लिया। फिलहाल युवती को एक आश्रय गृह में स्थानांतरित कर दिया गया और उसका बयान दर्ज किया गया।
विज्ञापन