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Gurugram News: गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता लेने के लिए कराना होगा पंजीकरण
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गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता लेने के लिए कराना होगा पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कार्यकारी एसएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता एवं पोषण आहार के लिए पंजीकरण कराना चाहिए। गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) लाभकारी सिद्ध हो रही है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार अपनाने में सहायता के लिए आर्थिक मदद प्रदान की जाती है। योजना के लाभ के रूप में पहले बच्चे के लिए पांच हज़ार रुपये की सहायता दी जाती है। पहली किश्त तीन हज़ार रुपये गर्भावस्था के पहले 6 माह में, पंजीकरण और कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच के बाद, दूसरी किश्त, दो हज़ार रुपये बच्चे के जन्म के पंजीकरण और 14 सप्ताह के भीतर टीकाकरण के बाद। दूसरे बच्चे के लिए (यदि कन्या हो) छह हज़ार रुपये की सहायता एक किश्त में दी जाती है, जब बच्ची का जन्म पंजीकरण और टीकाकरण पूरा हो जाता है। महिलाएं इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपने निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र या आशा वर्कर से संपर्क कर पंजीकरण करवा सकती हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कार्यकारी एसएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता एवं पोषण आहार के लिए पंजीकरण कराना चाहिए। गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) लाभकारी सिद्ध हो रही है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार अपनाने में सहायता के लिए आर्थिक मदद प्रदान की जाती है। योजना के लाभ के रूप में पहले बच्चे के लिए पांच हज़ार रुपये की सहायता दी जाती है। पहली किश्त तीन हज़ार रुपये गर्भावस्था के पहले 6 माह में, पंजीकरण और कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच के बाद, दूसरी किश्त, दो हज़ार रुपये बच्चे के जन्म के पंजीकरण और 14 सप्ताह के भीतर टीकाकरण के बाद। दूसरे बच्चे के लिए (यदि कन्या हो) छह हज़ार रुपये की सहायता एक किश्त में दी जाती है, जब बच्ची का जन्म पंजीकरण और टीकाकरण पूरा हो जाता है। महिलाएं इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपने निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र या आशा वर्कर से संपर्क कर पंजीकरण करवा सकती हैं।
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