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Gurugram News: युवाओं को उद्यमी बनाने में निजी बैंकों का अड़ंगा, ऋण देने में पीछे
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- चालू वित्तीय वर्ष में 10 हजार युवाओं को ऋण दिलाने का लक्ष्य
- राष्ट्रीयकृत बैंकों ने दिखाई सक्रियता, निजी बैंकों के रवैये पर प्रशासन नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की सरकारी मुहिम को निजी बैंकों का उदासीन रवैया प्रभावित कर रहा है। युवा उद्यम योजना समेत विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण देने में निजी बैंक अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभिन्न योजनाओं के तहत 10 हजार युवाओं को बैंक ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने के अवसर देना है। योजना के तहत ऋण की मार्जिन मनी और ब्याज का खर्च प्रदेश सरकार उठाती है।
छह माह की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 60 युवाओं को योजना के तहत उद्यम शुरू करने के लिए बैंक ऋण मिला है। इसमें राष्ट्रीयकृत बैंकों की भूमिका प्रमुख रही है। कई राष्ट्रीयकृत बैंक अपने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 109 से 140 प्रतिशत तक उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। वहीं, निजी बैंकों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही है।
जिला अग्रणी प्रबंधक विनोद कुमार ने बताया कि युवाओं को सरकारी योजनाओं के तहत ऋण उपलब्ध कराने में निजी बैंकों के उदासीन रवैये पर जिला प्रशासन ने नाराजगी जताई है। निजी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र युवाओं को ऋण देने में कोताही न बरती जाए।
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- राष्ट्रीयकृत बैंकों ने दिखाई सक्रियता, निजी बैंकों के रवैये पर प्रशासन नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की सरकारी मुहिम को निजी बैंकों का उदासीन रवैया प्रभावित कर रहा है। युवा उद्यम योजना समेत विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण देने में निजी बैंक अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभिन्न योजनाओं के तहत 10 हजार युवाओं को बैंक ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने के अवसर देना है। योजना के तहत ऋण की मार्जिन मनी और ब्याज का खर्च प्रदेश सरकार उठाती है।
छह माह की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 60 युवाओं को योजना के तहत उद्यम शुरू करने के लिए बैंक ऋण मिला है। इसमें राष्ट्रीयकृत बैंकों की भूमिका प्रमुख रही है। कई राष्ट्रीयकृत बैंक अपने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 109 से 140 प्रतिशत तक उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। वहीं, निजी बैंकों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही है।
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जिला अग्रणी प्रबंधक विनोद कुमार ने बताया कि युवाओं को सरकारी योजनाओं के तहत ऋण उपलब्ध कराने में निजी बैंकों के उदासीन रवैये पर जिला प्रशासन ने नाराजगी जताई है। निजी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र युवाओं को ऋण देने में कोताही न बरती जाए।
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