मोबाइल में मिले गद्दारी के सबूत: आतंकी देश की मदद कर रहा था भारत का अरमान, नगीना में छिपा बैठा था ये 'नाग'
आरोपी अरमान निवासी राजाका नगीना, नूंह, लंबे समय से सेना से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान को भेज रहा था। उसे थाना पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया। आरोपी भारतीय सेना, डिफेंस एक्सपो और अन्य सैन्य गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था।
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हरियाणा पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नूंह जिले से एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो दुश्मन देश पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था। यह गिरफ्तारी देश की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का नतीजा है। आरोपी को नूंह जिले के थाना नगीना के अंतर्गत गांव राजाका से गिरफ्तार किया गया है, जो व्हाट्सएप के माध्यम से देश की सैन्य गतिविधियों को पाकिस्तान भेजता था। आरोपी की पहचान अरमान पुत्र जमील निवासी राजाका थाना नगीना के रूप में हुई है। जिसके विरुद्ध देशद्रोह से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
मोबाइल में मिले गद्दारी के सबूत
सूत्रों के अनुसार, आरोपी अरमान निवासी राजाका नगीना, नूंह, लंबे समय से सेना से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान को भेज रहा था। उसे थाना पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया। आरोपी भारतीय सेना, डिफेंस एक्सपो और अन्य सैन्य गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था, जिससे देश की सुरक्षा और रणनीतिक तैयारियों को गंभीर खतरा हो सकता था। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से दुश्मन देश को सूचनाएं भेज रहा है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। जब उसका मोबाइल फोन खंगाला गया, तो उसमें पाकिस्तान के नंबरों से हुई बातचीत, चैट्स, फोटो और वीडियो मिले।
डिफेंस एक्सपो की तस्वीरें भेजीं पाकिस्तान
आरोपी के मोबाइल से भारत के डिफेंस एक्सपो 2025 की तस्वीरें भी मिलीं, जो उसने पाकिस्तानी एजेंटों को भेजी थीं। जांच में सामने आया कि अरमान अपने मोबाइल में पाकिस्तान के 92 सीरीज वाले नंबरों के साथ व्हाट्सएप पर लगातार संपर्क में था। मोबाइल में दो सिम कार्ड और दो आईएमईआई नंबर चिन्हित हुए हैं। इसके अलावा एक मोबाइल नंबर से भी वह जासूसी करने की गतिविधि को अंजाम दे रहा था।
एजेंसियां कर रही इस बात की तहकीकात
आरोपी ने भारत में सैन्य गतिविधियों और डिफेंस तैयारियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की थीं, जिनमें फोटो, लोकेशन और संभावित कार्यक्रमों की जानकारी शामिल थी। यह जानकारी दुश्मन देश के लिए सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हो सकती थी। आरोपी से जांच टीमें की पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि उसके पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है, वह किसके संपर्क में था और क्या उसके अलावा और लोग भी इस रैकेट का हिस्सा हैं।
इन धाराओं में दर्ज किया गया मामला
यह भी जांच की जा रही है कि क्या उसने पहले भी कोई जानकारी साझा की थी और उसके बदले उसे कोई आर्थिक लाभ मिला था। फिलहाल थाना नूंह पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 बीएन 2,3 और 4,5 ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 व देशद्रोह की धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका। यह गिरफ्तारी देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कई अन्य भी रडार पर आ गए हैं।