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दुघर्टना में जब्त पिकअप छोड़ने के नाम पर एएसआई पर घूस मांगने का आरोप
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गुरुग्राम। सड़क हादसे में लड़की की मौत मामले में जब्त हुई पिकअप की सुपरदारी के लिए एएसआई पर रुपये मांगने का आरोप है। पीड़ित ने मामले में शपथ पत्र अदालत में देकर यह आरोप लगाया है। दूसरी ओर खेड़की दौला थाना पुलिस की ओर से भी शपथ पत्र भी दिया गया है। सीजेएम अनिल कौशिक की कोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए एएसआई के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिया है। अदालत ने खेड़की दौला थाना प्रभारी की भूमिका को जांच करने के लिए कहा है। दरअसल 24 दिसंबर को खेड़की दौला थाना में एक एफआईआर सड़क हादसे में लड़की की मौत को लेकर दर्ज हुई थी। इस मामले में दो अन्य लड़कियां भी घायल हो गई थी। पिकअप नंबर पुलिस के पास आया तो खेड़की दौला थाना पुलिस ने पिकअप जब्त कर ली थी। लेकिन पिकअप की सुपरदारी कराने की एवज में थाना पुलिस व एएसआई ईश्वर सिंह पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।
नरेश कुमार नामक व्यक्ति ने ये आरोप लगाते अदालत में शपथ पत्र पेश किया। अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए पुलिस का भी पक्ष जानना चाहा जिसमें एसएचओ को अदालत में पेश होने को कहा गया। लेकिन खेड़की दौला थाना प्रभारी अदालत में पेश नहीं हुए। बल्कि उनकी ओर से एएसआई ने आरोपों का खंडन करते हुए काउंटर शपथ पत्र अदालत में पेश किया। कोर्ट ने गंभीर आरोपों को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर को एएसआई के खिलाफ विभागीय जांच करने को कहा है। मामले में थाना प्रभारी की भूमिका की भी जांच करने को कहा है। बुधवार को यह आदेश जारी करते हुए अदालत ने साफ तौर पर कहा है कि यदि पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो उन पर आरोप सही पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाय। साथ ही यदि ये आरोप गलत पाए जाते हैं तो आरोप लगाने वाले के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। इस आदेश की प्रति डीजीपी हरियाणा को भी सूचना के लिए भेजने को कोर्ट ने कहा है। तब तक वाहन की सुपरदारी मालिक को देने के कोर्ट ने निर्देश दिए हैं। लेकिन इस दौरान वाहन चालक पर कुछ पाबंदी भी लगाई गई है। वह वाहन में कोई बदलाव नहीं कर सकता। वह किसी अन्य को इसे दे नहीं सकता। साथ ही जब भी जरूरत होगी तो ये वाहन अदालत के समक्ष पेश करना होगा।
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नरेश कुमार नामक व्यक्ति ने ये आरोप लगाते अदालत में शपथ पत्र पेश किया। अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए पुलिस का भी पक्ष जानना चाहा जिसमें एसएचओ को अदालत में पेश होने को कहा गया। लेकिन खेड़की दौला थाना प्रभारी अदालत में पेश नहीं हुए। बल्कि उनकी ओर से एएसआई ने आरोपों का खंडन करते हुए काउंटर शपथ पत्र अदालत में पेश किया। कोर्ट ने गंभीर आरोपों को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर को एएसआई के खिलाफ विभागीय जांच करने को कहा है। मामले में थाना प्रभारी की भूमिका की भी जांच करने को कहा है। बुधवार को यह आदेश जारी करते हुए अदालत ने साफ तौर पर कहा है कि यदि पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो उन पर आरोप सही पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाय। साथ ही यदि ये आरोप गलत पाए जाते हैं तो आरोप लगाने वाले के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। इस आदेश की प्रति डीजीपी हरियाणा को भी सूचना के लिए भेजने को कोर्ट ने कहा है। तब तक वाहन की सुपरदारी मालिक को देने के कोर्ट ने निर्देश दिए हैं। लेकिन इस दौरान वाहन चालक पर कुछ पाबंदी भी लगाई गई है। वह वाहन में कोई बदलाव नहीं कर सकता। वह किसी अन्य को इसे दे नहीं सकता। साथ ही जब भी जरूरत होगी तो ये वाहन अदालत के समक्ष पेश करना होगा।
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