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जुर्माने के लिए नहीं एमथ्रीएम बिल्डर के पास नहीं पैसे, मांगा समय

Tue, 04 Feb 2020 09:51 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2020 09:51 PM IST
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M3M builder has no money to pay the fine, sought time
अमर उजाला ब्यूरो
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गुरुग्राम। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) द्वारा लगाया गया 1.54 करोड़ रुपये का जुर्माना जमा करवाने के लिए एम3एम बिल्डर ने वन विभाग से समय मांगा है। एनजीटी ने गांव चौमा में बिल्डर द्वारा बिना अनुमति पेड़ काटने पर यह जुर्माना लगाया था। बिल्डर ने अपने आवेदन में तर्क रखा है कि जुर्माने की राशि काफी ज्यादा है और उसे फंड का प्रबंध करने में परेशानी आ रही है। ऐसे में उसे जुर्माना राशि जमा करने के लिए कुछ समय प्रदान किया जाए।
अधिकारियों के मुताबिक, गांव चौमा में एम3एम बिल्डर ने प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए 500 से अधिक पेड़ काट दिए थे। इन पेड़ों को काटने के लिए बिल्डर ने वन विभाग से अनुमति भी नहीं ली थी। मामला स्थानीय निवासी नरेश यादव के संज्ञान में आते ही उन्होंने वन विभाग को शिकायत देते हुए एनजीटी में याचिका दायर की थी। विभाग ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए रेंज अधिकारी समेत तीन को निलंबित कर दिया था। अधिकारियों ने पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज करवाया था। मामले में पुलिस ने वन विभाग के तीनों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वन विभागीय जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया था कि एक कर्मचारी की नियुक्ति पेड़ कटाई के करीब एक महीने बाद हुई है, जबकि दो ने अपने कार्य के दौरान लापरवाही बरती है। इस पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
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उधर, एनजीटी ने याचिका पर सुनवाई करते हुए बिल्डर को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया था। मामले में सुनवाई करते हुए एनजीटी ने बिल्डर पर 1.54 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया। एनजीटी ने निर्देश दिया कि बिल्डर से 10 लाख रुपये पेड़ कटाने व शेष जुर्माना 1.44 करोड़ रुपये काटे गए पेड़ों के स्थान पर नए पौधे लगाने के रूप में वसूला जाए।
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बिल्डर ने विभाग में पत्र देकर जुर्माने की राशि जमा करवाने के लिए समय मांगा है। इसे आगामी कार्रवाई के लिए आला अधिकारियों के पास भेज दिया गया है।
- सुभाष यादव, मंडल वन अधिकारी
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