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Gurugram News: पाकिस्तानी या रिफ्यूजी कहने पर दलित एक्ट की तरह बने कानून
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पंजाबी खत्री समाज की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की पहली बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। समस्त पंजाबी खत्री समाज की रविवार को अखिल भारतीय कार्यकारिणी की पहली बैठक का आयोजन हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली व उत्तराखंड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान समाज की ओर से पूरे देश में सदस्य बनाने के अभियान पर चर्चा हुई। बैठक में सरकार से मांग किया गया कि अगर उनकाे कोई भी पाकिस्तानी या रिफ्यूजी कहता है तो उन पर भी दलित एक्ट की तरह से अलग से एक्ट लगाने का कानून बनाया जाए।
बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि आने वाले समय में होने वाली जनगणना में सबको अपनी जाति खत्री व भाषा पंजाबी बतानी है। ताकि देश में उनकी सही संख्या का पता चले। बैठक में यह तय हुआ कि वह एक पंजाबी कल्याण बोर्ड का गठन चाहते हैं। जो पंजाबी समुदाय के लोगों के कल्याण के लिए काम करे। पंजाबी खत्री समाज के राष्ट्रीय संयोजक पूर्व कुलपति डॉक्टर सर्वानंद आर्या ने कहा कि अखिल भारतीय कार्यकारिणी देश भर के 767 जिले में से 300 जिलों को चिन्हित किया। जिसमें खत्री समाज के लोगों को जोड़ने का काम किया जा रहा है। इस दौरान मौजूद रहने वालों में ए के विमल रिटायर्ड जज, राजेद्र गाबा, सुरेश अरोड़ा, सुशील अरोड़ा, रमेश अहूजा, वीरेन्द्र पहवा, मनीष सलूजा आदि रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। समस्त पंजाबी खत्री समाज की रविवार को अखिल भारतीय कार्यकारिणी की पहली बैठक का आयोजन हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली व उत्तराखंड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान समाज की ओर से पूरे देश में सदस्य बनाने के अभियान पर चर्चा हुई। बैठक में सरकार से मांग किया गया कि अगर उनकाे कोई भी पाकिस्तानी या रिफ्यूजी कहता है तो उन पर भी दलित एक्ट की तरह से अलग से एक्ट लगाने का कानून बनाया जाए।
बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि आने वाले समय में होने वाली जनगणना में सबको अपनी जाति खत्री व भाषा पंजाबी बतानी है। ताकि देश में उनकी सही संख्या का पता चले। बैठक में यह तय हुआ कि वह एक पंजाबी कल्याण बोर्ड का गठन चाहते हैं। जो पंजाबी समुदाय के लोगों के कल्याण के लिए काम करे। पंजाबी खत्री समाज के राष्ट्रीय संयोजक पूर्व कुलपति डॉक्टर सर्वानंद आर्या ने कहा कि अखिल भारतीय कार्यकारिणी देश भर के 767 जिले में से 300 जिलों को चिन्हित किया। जिसमें खत्री समाज के लोगों को जोड़ने का काम किया जा रहा है। इस दौरान मौजूद रहने वालों में ए के विमल रिटायर्ड जज, राजेद्र गाबा, सुरेश अरोड़ा, सुशील अरोड़ा, रमेश अहूजा, वीरेन्द्र पहवा, मनीष सलूजा आदि रहे।
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