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Gurugram News: नोकिया 3310 में नहीं चला जियो सिम, उपभोक्ता कोर्ट ने जुर्माना लगाया
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तकनीकी जानकारी छिपाकर सिम बेचने को उपभोक्ता आयोग ने माना सेवा में कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने जियो कंपनी को एक खरीदार को मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह आदेश जियो सिम नोकिया मोबाइल में न चलने पर रिफंड न देने के मामले में आया है। आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा माना है।
सेक्टर-14 निवासी राज भूषण स्वामी ने छह जुलाई 2021 को रिलायंस जियो की दुकान से 298 रुपये में सिम कार्ड खरीदा था। उन्होंने सिम अपने नोकिया 3310 फोन में डाला, लेकिन वह काम नहीं कर रहा था। दुकान पर शिकायत करने पर बताया गया कि जियो सिम केवल वोल्ट तकनीक समर्थित फोन में चलता है। दुकानदार ने सिम वापस लेने और रुपये लौटाने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने ट्विटर और ईमेल के माध्यम से कंपनी से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। आयोग ने पाया कि उपभोक्ता को सिम की तकनीकी अनुकूलता के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई थी।
आयोग ने 14 अक्तूबर 2026 को यह फैसला सुनाया। पीठ में अध्यक्ष संजीव जिंदल, सदस्य ज्योति सिवाच और खुशविंदर कौर शामिल थे। आयोग ने जियो कंपनी को 298 रुपये की राशि छह जुलाई 2021 से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया। साथ ही, कंपनी को 15 हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न के मुआवजे के रूप में देने होंगे। इसके अलावा, 11 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के तौर पर भी चुकाने होंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने जियो कंपनी को एक खरीदार को मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह आदेश जियो सिम नोकिया मोबाइल में न चलने पर रिफंड न देने के मामले में आया है। आयोग ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा माना है।
सेक्टर-14 निवासी राज भूषण स्वामी ने छह जुलाई 2021 को रिलायंस जियो की दुकान से 298 रुपये में सिम कार्ड खरीदा था। उन्होंने सिम अपने नोकिया 3310 फोन में डाला, लेकिन वह काम नहीं कर रहा था। दुकान पर शिकायत करने पर बताया गया कि जियो सिम केवल वोल्ट तकनीक समर्थित फोन में चलता है। दुकानदार ने सिम वापस लेने और रुपये लौटाने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने ट्विटर और ईमेल के माध्यम से कंपनी से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। आयोग ने पाया कि उपभोक्ता को सिम की तकनीकी अनुकूलता के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई थी।
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आयोग ने 14 अक्तूबर 2026 को यह फैसला सुनाया। पीठ में अध्यक्ष संजीव जिंदल, सदस्य ज्योति सिवाच और खुशविंदर कौर शामिल थे। आयोग ने जियो कंपनी को 298 रुपये की राशि छह जुलाई 2021 से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया। साथ ही, कंपनी को 15 हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न के मुआवजे के रूप में देने होंगे। इसके अलावा, 11 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के तौर पर भी चुकाने होंगे।
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