{"_id":"6577fbb66e54994b33069542","slug":"hearing-on-illegal-mining-in-aravalli-region-on-january-9-gurgaon-news-c-24-1-noi1094-20694-2023-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: अरावली क्षेत्र में अवैध खनन पर सुनवाई नौ जनवरी को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: अरावली क्षेत्र में अवैध खनन पर सुनवाई नौ जनवरी को
विज्ञापन
एनजीटी में अरावली बचाओ मूवमेंट की याचिका पर सोमवार को थी सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अरावली बचाओ संगठन की याचिका की सुनवाई के लिए अगली तारीख नौ जनवरी 2024 की दी है। सोमवार को संगठन द्वारा अरावली में अवैध खनन को लेकर दी गई याचिका की सुनवाई थी।
संगठन से जुड़ी नीलम अहलूवालिया ने बताया कि इसके पहले एनजीटी से संगठन ने 17 अक्तूबर 2023 को अरावली में अवैध खनन को लेकर दस्तावेज सौंपे थे था। न्यायाधीश ने सोमवार की सुनवाई के दौरान इन दस्तावेज से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्नों पर सवाल पूछे। अरावली में अवैध खनन कर प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने के मुद्दे को लेकर संगठन ने मई 2022 में याचिका दायर की थी। इस याचिका में अरावली में अवैध खनन को रोकने के उपायों की मांग के साथ- साथ गुरुग्राम, नूंह और फरीदाबाद में 16 स्थानों पर अवैध खनन की बात कही गई है। इस याचिका के बाद एनजीटी ने प्रदेश के विभिन्न विभागों को अरावली को हरा-भरा करने की योजना प्रस्तुत करने को कहा था।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अरावली बचाओ संगठन की याचिका की सुनवाई के लिए अगली तारीख नौ जनवरी 2024 की दी है। सोमवार को संगठन द्वारा अरावली में अवैध खनन को लेकर दी गई याचिका की सुनवाई थी।
संगठन से जुड़ी नीलम अहलूवालिया ने बताया कि इसके पहले एनजीटी से संगठन ने 17 अक्तूबर 2023 को अरावली में अवैध खनन को लेकर दस्तावेज सौंपे थे था। न्यायाधीश ने सोमवार की सुनवाई के दौरान इन दस्तावेज से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्नों पर सवाल पूछे। अरावली में अवैध खनन कर प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने के मुद्दे को लेकर संगठन ने मई 2022 में याचिका दायर की थी। इस याचिका में अरावली में अवैध खनन को रोकने के उपायों की मांग के साथ- साथ गुरुग्राम, नूंह और फरीदाबाद में 16 स्थानों पर अवैध खनन की बात कही गई है। इस याचिका के बाद एनजीटी ने प्रदेश के विभिन्न विभागों को अरावली को हरा-भरा करने की योजना प्रस्तुत करने को कहा था।
विज्ञापन