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आशियाना पाने को नोटबंदी के समय दिए थे 8-8 हजार रुपए
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आशियाना पाने को नोटबंदी के समय में दिए थे आठ- आठ हजार
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- सेक्टर-47 में अवांटन न होने से खंडहर बन चुके आशियाना फ्लैट्स का मामला
- आवेदन रद होने के बाद बीपीएल कार्ड धाराक परिवारों का झलक रहा दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-47 में चार साल पहले बनने के बाद अब खंडहर हो चुके आशियाना फ्लैट्स के लिए आवेदन सूची भी रद होने के बाद बीपीएल कार्ड धारक परिवारों का दर्ज झलक रहा है। फ्लैट्स के आवेदन के लिए नोटबंदी के समय दिए आठ-आठ हजार रुपये से लेकर इन्हें पाने लिए विभागों के चक्कर लगाने के संघर्ष के बारे मेें यह लोग विस्तार से बता रहे हैं। वहीं भविष्य में भी इन फ्लैट्स को पाने की उम्मीद न के बराबर बता रहे हैं।
आवेदनकर्ता इंदिरा देवी ने बताया कि 2016 में आशियाना स्कीम के तहत बने 1088 फ्लैट्स को पाने के लिए शहर व जिलेभर के 1500 से अधिक बीपीएल कार्डधारक परिवार व ईडब्ल्यूएस परिवारो ने आवेदन किया था। आवेदन नोटबंदी के समय लिए गए थे। गरीब आवेदनकर्ताओं ने इसके लिए उस समय भी आठ-आठ हजार रुपये का इंतजाम कर विभाग को दिया था। बाद में पता चला कि सूूची में कुछ अपात्रों के नाम होने की बात कहकर विभाग ने आवंटन रोक दिए हैं। जांच कर पात्रों को मकान फ्लैट देने की मांग पर कई बार एचएसवीपी विभाग व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगाए। कहीं कोई राहत नहीं मिली। आज हालत यह है कि यहां फ्लैट्स पाने की उम्मीद लगाए बैठे लोग अब भी किराए के घरों में रह रहे हैं, और फ्लैट्स बनने के बाद भी खंडहर होते जा रहे हैं। आवेदन की आठ हजार रुपये भी डूबने का डर है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी नहीं भरोसाः
आवेदनकर्ता नीलम का कहना है कि भले ही पांच दिन पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आशियाना फ्लैट्स की साइट का दौरा कर यहां एक माह के भीतर सफाई व अन्य रुके हुए निर्माण कार्य पूरा कर पुनः आवेदन मांग आवंटन के निर्देश हैं, लेकिन फ्लैट्स आज जिस स्थिति में हैैं, इन्हें लेकर विभाग का जो रुख रहा है, उसे देखते हुए नहीं लग रहा कि उन्हें यह फ्लैट्स मिल पाएंगे। आवेदनकर्ता बीना देवी ने बताया कि फ्लैट्स के आवंटन को लेकर मुख्यमंत्री ने पहले भी निर्देश दिए थे, अगर निर्देश की जगह लापरवाही पर आधिकारियों पर कार्रवाई होती तो आज हम गरीबों को फ्लैट्स मिल चुके होते।
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वर्जन....................
अकेले गुरुग्राम में ही नहीं धारूहेड़ा और प्रदेश के दूसरे शहरों में भी बनाए गए थे, जिनका गरीबों को आवंटन नहीं हो पाया। जनता की गाढ़ी कमाई को भाजपा दोनों हाथों से लूटा रही है। अफसरशाही पर कोई लगाम नहीं है। भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का दम भरने वाली भाजपा की पोल ऐसी योजनाएं खोल रही हैं।
कप्तान अजय सिंह यादव, पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता
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