{"_id":"6296543595d197708376afb2","slug":"government-schools-building-dilapidated-classes-are-held-in-the-ground-gurgaon-news-noi6516722192","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी स्कूलों की इमारत जर्जर, मैदान में लगती हैं कक्षाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी स्कूलों की इमारत जर्जर, मैदान में लगती हैं कक्षाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुग्राम। प्रदेश सरकार शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने और विद्यार्थियों को सुविधाएं देने के लिए योजना चला रही है, लेकिन धरातल पर सही ढंग से कार्य नहीं होने के कारण सरकारी स्कूलों की हालत काफी खराब है। ग्रामीण क्षेत्र सहित जिले के कस्बाई क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के भवन काफी दयनीय हालत में हैं। ऐसे में पर्याप्त कमरें उपलब्ध न होने की स्थिति में खुले मैदान में ही कक्षाएं लगाई जाती हैं।
इमारत बनने के लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से बजट जारी हो जाता है, लेकिन समय पर टेंडर नहीं होने के कारण बजट वापस मुख्यालय को चला जाता है।
सोहना खंड के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सिलानी, राजकीय प्राथमिक पाठशाला (बाल) सोहना, राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला-1 सोहना के भवनों की हालत काफी खराब है। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सोहना में दो साल पहले 4.75 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ था, जिसमें तीन मंजिला इमारत का निर्माण होना था। टेंडर जारी नहीं होने के कारण पैसा वापस शिक्षा विभाग के मुख्यालय में चला गया।
मॉडल संस्कृति स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि पहली बार बजट जारी होकर वापस जा चुका है। वहीं अब दोबारा से इमारत बनाने के लिए 7.50 करोड़ रुपये बजट जारी होना है। शिक्षा निदेशालय में इमारत बनाने को लेकर जानकारी ली गई तो अभी इमारत का टेंडर जारी होने में समय लगेगा। कमरों की कमी के कारण मॉडल संस्कृति स्कूल सोहना में कक्षाएं खुले मैदान में लगानी पड़ रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
विज्ञापन
जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से सरकारी स्कूलों में मरम्मत कार्य सहित जर्जर कमरों व इमारतों की जानकारी मांगी गई है। जिला शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा निदेशालय के मुख्यालय को सभी स्कूलों के मरम्मत व निर्माण कार्यों की जानकारी भेजी जाएगी और बजट की मांग की जाएगी।
- कल्पना रंगा, जिला परियोजना समन्वयक, गुरुग्राम।
विज्ञापन
इमारत बनने के लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से बजट जारी हो जाता है, लेकिन समय पर टेंडर नहीं होने के कारण बजट वापस मुख्यालय को चला जाता है।
सोहना खंड के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सिलानी, राजकीय प्राथमिक पाठशाला (बाल) सोहना, राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला-1 सोहना के भवनों की हालत काफी खराब है। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सोहना में दो साल पहले 4.75 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ था, जिसमें तीन मंजिला इमारत का निर्माण होना था। टेंडर जारी नहीं होने के कारण पैसा वापस शिक्षा विभाग के मुख्यालय में चला गया।
विज्ञापन
मॉडल संस्कृति स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि पहली बार बजट जारी होकर वापस जा चुका है। वहीं अब दोबारा से इमारत बनाने के लिए 7.50 करोड़ रुपये बजट जारी होना है। शिक्षा निदेशालय में इमारत बनाने को लेकर जानकारी ली गई तो अभी इमारत का टेंडर जारी होने में समय लगेगा। कमरों की कमी के कारण मॉडल संस्कृति स्कूल सोहना में कक्षाएं खुले मैदान में लगानी पड़ रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
विज्ञापन
जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से सरकारी स्कूलों में मरम्मत कार्य सहित जर्जर कमरों व इमारतों की जानकारी मांगी गई है। जिला शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा निदेशालय के मुख्यालय को सभी स्कूलों के मरम्मत व निर्माण कार्यों की जानकारी भेजी जाएगी और बजट की मांग की जाएगी।
- कल्पना रंगा, जिला परियोजना समन्वयक, गुरुग्राम।