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बंधवाड़ी कचरे के प्लांट में लगी आग
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गुरुग्राम। गुरुग्राम -फरीदाबाद रोड स्थित बंधवाड़ी कचरे के प्लांट में रविवार दोपहर को कचरे के ढेर में आग लग गई। आग लगने की घटना की सूचना फायर विभाग को दी गई। फायर विभाग की करीब 12 गाड़ियों ने तीन घंटे पर आग पर काबू पा लिया, लेकिन आग बुझाने के बाद कचरे के ढेर से काफी धुआं उठता रहा, जिस कारण उसको काबू करने के लिए देर शाम तक फायर विभाग की टीमें लगी रही। फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार कचरे में आग मिथेन गैस बनने के कारण लगी है।
वहीं बंधवाड़ी के आसपास पानी की उपलब्ध कम होने के कारण आग पर काबू पाने में समय लगने का मुख्य कारण बताया जा रहा है। दरअसल, बंधवाड़ी प्लांट में कई मिट्रिक टन कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इन कचरे के ढेरों को ट्रोमल मशीनों से निस्तारण कर कचरा धीरे-धीरे कम किया जा रहा है, लेकिन रविवार दोपहर को अचानक कचरे के ढेर से धुआं उठने लगा। यह धुआं धीरे-धीरे आग में बदल गया। दोपहर करीब 12:22 बजे फायर विभाग को इसकी सूचना दी गई। फायर विभाग की गुरुग्राम से करीब 10 गाड़ियां और दो फरीदाबाद फायर विभाग से मंगवाई गई। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन कचरे के ढेर में धुआं काफी निकलता रहा।
एनजीटी के निर्देशों के अनुसार कचरे के ढेरों को धीरे-धीरे समाप्त किया जा रहा है। ईको ग्रीन की लगातार कार्रवाई से कचरे के पहाड़ों की ऊंचाई को कम किया जा चुका है, लेकिन कचरे एकत्रित होने से उसमें मिथेन गैस बन जाती है जो आग कारण बनती है। रविवार को मिथेन गैस बनने के कारण ही कचरे में आग लगी थी, जिस फायर विभाग ने उस पर काबू पा लिया है।
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-संजय शर्मा, डिप्टी सीईओ, ईको ग्रीन, गुरुग्राम।
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वहीं बंधवाड़ी के आसपास पानी की उपलब्ध कम होने के कारण आग पर काबू पाने में समय लगने का मुख्य कारण बताया जा रहा है। दरअसल, बंधवाड़ी प्लांट में कई मिट्रिक टन कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इन कचरे के ढेरों को ट्रोमल मशीनों से निस्तारण कर कचरा धीरे-धीरे कम किया जा रहा है, लेकिन रविवार दोपहर को अचानक कचरे के ढेर से धुआं उठने लगा। यह धुआं धीरे-धीरे आग में बदल गया। दोपहर करीब 12:22 बजे फायर विभाग को इसकी सूचना दी गई। फायर विभाग की गुरुग्राम से करीब 10 गाड़ियां और दो फरीदाबाद फायर विभाग से मंगवाई गई। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन कचरे के ढेर में धुआं काफी निकलता रहा।
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एनजीटी के निर्देशों के अनुसार कचरे के ढेरों को धीरे-धीरे समाप्त किया जा रहा है। ईको ग्रीन की लगातार कार्रवाई से कचरे के पहाड़ों की ऊंचाई को कम किया जा चुका है, लेकिन कचरे एकत्रित होने से उसमें मिथेन गैस बन जाती है जो आग कारण बनती है। रविवार को मिथेन गैस बनने के कारण ही कचरे में आग लगी थी, जिस फायर विभाग ने उस पर काबू पा लिया है।
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-संजय शर्मा, डिप्टी सीईओ, ईको ग्रीन, गुरुग्राम।