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Gurugram News: भगोड़े इंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण दस्तावेज प्रमाणित, गुरुग्राम कोर्ट ने दिया आदेश
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा भगोड़े इंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण दस्तावेज के प्रमाणीकरण के लिए दायर आवेदन को अदालत ने स्वीकार कर लिया है। सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश नरेंद्र सूरा ने बीते सप्ताह इस संबंध में आदेश जारी किया। यह कदम इंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण अनुरोध को संयुक्त अरब अमीरात सरकार को भेजने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
ईडी ने इंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण दस्तावेज के प्रमाणीकरण के लिए अदालत में आवेदन दायर किया था। आवेदन को जांच कर दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष ने भारत सरकार द्वारा संयुक्त अरब अमीरात सरकार को भेजे गए इंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण अनुरोध पर भरोसा किया। आवेदन के साथ संलग्न सभी दस्तावेज की गहन जांच की गई। अदालत ने मूल दस्तावेज को प्रमाणित किया। प्रमाणित मूल दस्तावेज विशेष लोक अभियोजक को सौंप दिए गए। इन दस्तावेज की एक प्रति अदालत के रिकॉर्ड में रखी गई है।
यह आदेश भगोड़े इंदरजीत सिंह को भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रत्यर्पण एक जटिल कानूनी प्रक्रिया होती है जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग आवश्यक होता है। ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत इंदरजीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। दस्तावेज का प्रमाणीकरण प्रत्यर्पण अनुरोध को मजबूत आधार प्रदान करता है। यह अनुरोध को अंतरराष्ट्रीय कानूनी मानकों के अनुरूप बनाता है।
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अदालत ने निर्देश दिया कि इस आवेदन को मुख्य अभियोजन शिकायत के साथ टैग किया जाए। इसका अर्थ है कि यह मामला इंदरजीत सिंह के खिलाफ चल रही मुख्य जांच का एक अभिन्न अंग है। धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दर्ज शिकायत में इंदरजीत सिंह मुख्य आरोपी हैं। इस कदम से भविष्य की कानूनी कार्यवाही में समन्वय स्थापित होगा।
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गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा भगोड़े इंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण दस्तावेज के प्रमाणीकरण के लिए दायर आवेदन को अदालत ने स्वीकार कर लिया है। सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश नरेंद्र सूरा ने बीते सप्ताह इस संबंध में आदेश जारी किया। यह कदम इंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण अनुरोध को संयुक्त अरब अमीरात सरकार को भेजने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
ईडी ने इंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण दस्तावेज के प्रमाणीकरण के लिए अदालत में आवेदन दायर किया था। आवेदन को जांच कर दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष ने भारत सरकार द्वारा संयुक्त अरब अमीरात सरकार को भेजे गए इंदरजीत सिंह के प्रत्यर्पण अनुरोध पर भरोसा किया। आवेदन के साथ संलग्न सभी दस्तावेज की गहन जांच की गई। अदालत ने मूल दस्तावेज को प्रमाणित किया। प्रमाणित मूल दस्तावेज विशेष लोक अभियोजक को सौंप दिए गए। इन दस्तावेज की एक प्रति अदालत के रिकॉर्ड में रखी गई है।
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यह आदेश भगोड़े इंदरजीत सिंह को भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रत्यर्पण एक जटिल कानूनी प्रक्रिया होती है जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग आवश्यक होता है। ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत इंदरजीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। दस्तावेज का प्रमाणीकरण प्रत्यर्पण अनुरोध को मजबूत आधार प्रदान करता है। यह अनुरोध को अंतरराष्ट्रीय कानूनी मानकों के अनुरूप बनाता है।
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अदालत ने निर्देश दिया कि इस आवेदन को मुख्य अभियोजन शिकायत के साथ टैग किया जाए। इसका अर्थ है कि यह मामला इंदरजीत सिंह के खिलाफ चल रही मुख्य जांच का एक अभिन्न अंग है। धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दर्ज शिकायत में इंदरजीत सिंह मुख्य आरोपी हैं। इस कदम से भविष्य की कानूनी कार्यवाही में समन्वय स्थापित होगा।