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Gurugram News: जिले में बूंदाबांदी से किसानों की बढ़ी चिंता

Fri, 31 Oct 2025 12:13 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 31 Oct 2025 12:13 AM IST
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Drizzle in the district has increased the worries of the farmers.
धान की फसल को नुकसान, गेहूं की बिजाई पर भी संकट
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में बृहस्पतिवार को हुई बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता को और बढ़ा दिया है। खेतों में जहां धान की कटाई और झड़ाई का काम चल रहा था, वहीं अब फसल भीगने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। कई जगहों पर धान की कटी हुई फसल खेतों में ही पड़ी है, जिस पर पानी गिरने से दाने काले पड़ने और गुणवत्ता खराब होने की आशंका है।

दूसरी ओर, जिन किसानों ने धान की कटाई पूरी कर ली थी, वे अब गेहूं की बिजाई की तैयारी में जुटे थे लेकिन खेतों में पहले से ही नमी और जगह-जगह जलभराव होने के कारण बिजाई का काम प्रभावित हो गया है। बूंदाबांदी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है, जिससे आगामी रबी सीजन की शुरुआत पर संकट मंडरा रहा है।
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किसानों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मौसम अनिश्चित बना हुआ है। सुबह धूप निकलती है तो शाम तक बादल छा जाते हैं। ऐसे में खेतों में फसल को संभालना मुश्किल हो गया है।
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गांव छपेड़ा के किसान भगत सिंह ने बताया धान की फसल काटकर खेत में रखी थी, लेकिन अचानक हुई बूंदाबांदी से सब भीग गई। अगर दोबारा धूप नहीं निकली तो दाने खराब हो जाएंगे।
वहीं रानीका के किसान इकरामुद्दीन ने कहा अब गेहूं की बिजाई का सही समय है, लेकिन खेतों में पानी भरा है। ट्रैक्टर नहीं चल पा रहा। अगर मौसम ऐसा ही रहा तो बिजाई में देरी होगी और पैदावार पर असर पड़ेगा।
आलदोका के किसान किशनलाल ने बताया कि उन्होंने गेहूं की फसल की बिजाई दो दिन पहले ही की थी, इस बूंदाबांदी से गेहूं का अंकुरण रुक जाएगा और उन्हें फिर से फसल बोनी पड़ेगी। पहले ही डीएपी के अभाव से जूझ रहे थे, अब दोबारा से डीएपी का इंतजाम तथा हजारों रुपये का बीज, बिजाई का खर्चा समेत एक एकड़ में करीब पांच हजार रुपये गेहूं की बिजाई पर खर्च हुए हैं, जो फिर से करने पड़ेंगे और फसल पछेती होने के कारण प्रभावित होगी, वह अलग।

धान की कटी फसल को ढककर रखें

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 घंटों में भी हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे धान की कटी फसल को ढककर रखें और बिजाई से पहले खेत की नमी जांच लें। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौसम में बदलाव अस्थायी है, पर किसानों को सतर्क रहना जरूरी है। यदि धूप जल्दी नहीं निकली तो फसलों की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।

आढ़तियों को भी मंडी में दिक्कत
किसानों के साथ-साथ आढ़तियों को भी मंडी में दिक्कत का सामना करना पड़ा। जो माल मंडी में लगा हुआ है, उसकी बोरियां भीग गईं। बूंदाबांदी के दौरान कुछ तिरपाल डाले गए, लेकिन वो ना काफी दिखे। बूंदाबांदी से नुकसान हुआ है।



जिले में बूंदाबांदी ने एक तरफ खरीफ सीजन की फसल को नुकसान पहुंचाया है, तो दूसरी ओर रबी सीजन की शुरुआत को भी कठिन बना दिया है। किसान अब केवल धूप निकलने की आस लगाए बैठे हैं ताकि खेत फिर से काम करने योग्य बन सकें। किसानों को कोई भी सलाह चाहिए तो कृषि विभाग से संपर्क करें।
-वीरेंद्र देव आर्य, कृषि उपनिदेशक नूंह
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