फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Chintels Paradiso Society: If the pillar is damaged during relief work, the tower may collapse, NDRF clarified

चिनटेल्स पैराडाइसो सोसायटी हादसा: राहत कार्य के दौरान पिलर क्षतिग्रस्त हुआ तो गिर सकता है टावर, एनडीआरएफ ने किया स्पष्ट

Sun, 13 Feb 2022 07:52 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम।
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम। Published by: अनुराग सक्सेना Updated Sun, 13 Feb 2022 07:52 AM IST
सार

टावर में छठी मंजिल से गिरकर पहली मंजिल पर अटका मलबा शनिवार सुबह ग्राउंड फ्लोर पर आ गिरा था। एनडीआरएफ की टीम ने बेसमेंट में मिट्टी के कट्टे, शटरिंग और शोरिंग सिस्टम लगाकर छत और बीम को सपोर्ट दिया।

विज्ञापन
Chintels Paradiso Society: If the pillar is damaged during relief work, the tower may collapse, NDRF clarified
गुरुग्राम हादसे में बचाए गए अरुण श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में डी टावर में मलबे में दबे सुनीता श्रीवास्तव के शव को निकालने में जुटी एनडीआरएफ की टीम के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर शव निकालने के काम में पिलर क्षतिग्रस्त हो गया तो पूरा टावर भरभरा कर गिर सकता है।

विज्ञापन


टावर में छठी मंजिल से गिरकर पहली मंजिल पर अटका मलबा शनिवार सुबह ग्राउंड फ्लोर पर आ गिरा। एनडीआरएफ की टीम ने बेसमेंट में मिट्टी के कट्टे, शटरिंग और शोरिंग सिस्टम लगाकर छत और बीम को सपोर्ट दिया। पूरी सोसाइटी का बेसमेंट नींव में आपस में जुड़ा हुआ है। दरार आने के चलते सावधानी से एनडीआरएफ की टीम मलबा हटाकर शव निकालने का काम कर रही है। जल्दबाजी में बड़े हादसे का खतरा अधिक है।

विज्ञापन

Chintels Paradiso Society: If the pillar is damaged during relief work, the tower may collapse, NDRF clarified
गुरुग्राम हादसे में बचाए गए अरुण श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला

एनडीआरएफ के मुताबिक, चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के सभी टॉवर के बेसमेंट आपस में जुड़े हैं। जिस डी टॉवर की छत गिरी है, उसके नीचे के पिलर पर दबाव होने के कारण दरार आई है। इससे ग्राउंड फ्लोर पर शनिवार को पहुंचे मलबे का काम जल्दबाजी में नहीं किया जा सकता है। ड्रिल मशीन और कटर के कंपन से दरारें बढ़ सकती हैं। इससे हादसे का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए टीम मलबा हटाकर शव को निकालने का काम कर रही है।

एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट कुलेश अनंत ने बताया कि जिस फ्लोर पर मलबे का दबाव है, सारा मलबा जहां पर आकर रुका है, वहां से धीरे धीरे नीचे आ रहा है। बचाव कार्य के दौरान काफी मलबा नीचे गिर रहा है। इससे दिक्कत आ रही है।  ग्राउंड फ्लोर की नीचे की बीम में भी दरार आ गई है। इसको देखते हुए बेसमेंट में शटरिंग, मिट्टी के कट्टे लगाकर सपोर्ट दिया गया है। शव को सुरक्षित निकालने में समय लग रहा है। जल्दबाजी न करके सावधानीपूर्वक कार्य जारी है, जिससे आसपास के टॉवर भी सुरक्षित रहें।

डी टॉवर के आसपास 50 मीटर के दायरे में बंद की आवाजाही

स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम ने डी टॉवर के आसपास करीब 50 मीटर के दायरे में रस्से बांध कर आम लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद करा दिया है। वहां मौजूद पुलिसकर्मी इस रस्सी से आगे किसी को भी नहीं आने दे रहे हैं। एहतियातन इस रस्सी को लगाकर एनडीआरएफ अंदर मबला हटाने का काम कर रही है।

करीब ढाई दिन से शव फंसा है मलबे में

बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे हादसा हुआ था। इसमें पहली मंजिल पर अरुण श्रीवास्तव पत्नी सुनीता के साथ टीवी देखते हुए चाय पी रहे थे। मलबे में दबे अरुण को करीब 17 घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन ढाई दिन बाद भी सुनीता के शव को निकालने के लिए टीम जुटी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed