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Gurugram News: जमीन के छोटे टुकड़ों में फंसी बड़ी परियोजनाएं

Tue, 20 May 2025 12:31 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 20 May 2025 12:31 AM IST
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Big projects stuck in small pieces of land
जीएमडीए के सीईओ ने एचएसवीपी से जमीन संबंधी मामले जल्द सुलझाने को कहा
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मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। साइबर सिटी में जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों से गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की सीवर-पानी और सड़क जैसी बड़ी परियोजनाएं फंसी हुई हैं। ऐसे में जीएमडीए को विकास कार्याें को सिरे चढ़ाने में देरी हो रही है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने न्यू गुरुग्राम में सेक्टर 58 से 115 तक सेक्टर विकसित किया था। हालांकि, जीएमडीए के गठन के बाद इन सेक्टरों की सीवर-पानी और सड़क की जिम्मेदारी प्राधिकरण को मिल गई है। अब जीएमडीए इन सेक्टरों में विकास कार्याें को सिरे चढ़ा रहा है लेकिन कई केंद्रों में जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों के कार्य सिरे चढ़ाने में परेशानी आ रही है। एचएसवीपी की जमीन अधिग्रहण में कई कारणों से जमीन संबंधी कई जगहों पर विवाद चल रहा है और कुछ मामले कोर्ट में लंबित हैं। ऐसे में सेक्टर, मास्टर सड़कों और अन्य परियोजनाओं की निर्बाध कनेक्टिविटी के लिए भूमि अधिग्रहण की समस्या है। परियोजनाओं के लिए करीब 93 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
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इन मामले में हाल में जीएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा की अध्यक्षता में कोऑर्डिनेशन बैठक हुई थी। इसमें एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह भी शामिल थीं। बैठक में न्यू गुरुग्राम की सीवर-पानी और सड़क संबंधी मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। सीईओ ने एचएसवीपी की प्रशासक को जमीन संबंधी मामलों को जल्द समाधान करने को कहा है। इस पर प्रशासक ने कहा कि कुछ मामलों को सुलझाया गया और कोर्ट केस सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी ओर हरियाणा सरकार ने फरवरी में हुई बैठक में एचएसवीपी और एलएओ की ओर से भूमि अधिग्रहण शुरू करने के लिए निर्णय लिया है, जिससे विकास कार्याें को गति दी जा सके। सेक्टर 72 बूस्टिंग स्टेशन बनकर तैयार है लेकिन जमीन नहीं होने से जीएमडीए को अन्य विकल्पों पर काम करना पड़ रहा है। इसी प्रकार अन्य कार्यों के लिए जमीन नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। सेक्टर 86 निवासी हरेल चतुर्वेदी ने कहा कि कई जगहों पर सड़क के कार्य अधूरे हैं। इससे लोगाें को परेशानी हो रही है। सीवर-पानी की लाइनें भी सभी सेक्टरों में नहीं हैं।
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कुछ प्रमुख कार्य
- जीएमडीए को 71/73 और सेक्टर 72/72ए में सीवर-पानी एवं ड्रेनेज लाइन का काम करना है। इसके लिए गांव टिकरी और बेहरामपुर गांव में 380 और 300 मीटर जमीन की जरूरत है। एसपीआर से सुभाष चौक तक सड़क को जोड़ना और जलापूर्ति, सीवरेज-जल निकासी जैसी मास्टर सेवाएं भी बिछाने में बाधाएं आ रही हैं।
- सेक्टर 66/67 के लिए बादशाहपुर में सड़क, सीवर-पानी अन्य के लिए 220 मीटर जमीन की जरूरत है। सेक्टर 58-67 को सोहना रोड से जोड़ने, जलापूर्ति, सीवरेज और जल निकासी जैसी मास्टर सेवाएं बिछाने के लिए जमीन चाहिए।
- जीएमडीए को सेक्टर 77/78 और 78/80 में जलापूर्ति, सीवरेज, स्टॉर्म वाटर बिछाने के लिए जमीन चाहिए। सेक्टर 77/78 में 1950 मीटर और सेक्टर 78/80 में 2000 जमीन की जरूरत है। यह जमीन नौरंगपुर गांव के राजस्व में है।
- सेक्टर 81/82 रामपुरा से पटौदी सड़क के उन्नयन का कार्य चल रहा है। हालांकि मुख्य कैरिज-वे का कार्य पूरा करने के लिए जमीन संबंधी दिक्कतें आ रही हैं। सिकंदरपुर बढ़ा में 150 मीटर जमीन की जरूरत है।

- सेक्टर-82ए, 82, 83, 84, 85, 88 व 89 को पटौदी रोड से जोड़ने के लिए करीब 130 मीटर जमीन की जरूरत है। इसके लिए हरसरू गांव की राजस्व में जमीन की जरूरत है।
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