{"_id":"5b53627e4f1c1b52748b6219","slug":"21532191358-gurgaon-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टूटा अभिभावकों का सब्र, बच्चों का दूसरे स्कूलों में कराया जाएगा दाखिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टूटा अभिभावकों का सब्र, बच्चों का दूसरे स्कूलों में कराया जाएगा दाखिला
Updated Sat, 21 Jul 2018 10:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टूटा अभिभावकों का सब्र, बच्चों का दूसरे स्कूलों में कराया जाएगा दाखिला
- 134ए के तहत दाखिले में देरी होने के कारण अभिभावकों ने लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। 134ए के तहत अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाने का सपना देखने वाले अभिभावकों का सब्र अब जवाब देने लगा है। दाखिले के लिए शिक्षा विभाग व स्कूलों का चक्कर लगा कर थक चुके कुछ अभिभवाकों ने अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूल में कराने की तैयारी कर ली है। अभिभावकों का कहना है कि आधी जुलाई बीत गई लेकिन अभी तक बच्चों का दाखिला नहीं हुआ, दाखिला होगा भी या नहीं इसकी स्थिति भी विभाग साफ नहीं कर पा रहा है। ऐसे में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। लोग मजबूरी में बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में कराने लगे हैं।
134ए के तहत अप्रैल माह से दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। बच्चों की परीक्षाएं ली गई और सत्यापन किया गया, लेकिन जब दाखिले की बारी आई तो से कुछ अभिभावकों को गरीबी रेखा से बाहर बताया गया। वहीं जिन अभिभावकों को लेटर मिला उन्हें स्कूल ने दाखिला देने से मना कर दिया। अभिभावक प्रवीण कुमार ने बताया कि काफी समय बीत गया है। अब इंतजार करने का समय नहीं। वक्त रहते दाखिला नहीं हुआ तो बच्चों का यह साल बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में दूसरे स्कूल में दाखिला कराना ही बेहतर होगा।
नेहा राय
विज्ञापन
- 134ए के तहत दाखिले में देरी होने के कारण अभिभावकों ने लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। 134ए के तहत अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाने का सपना देखने वाले अभिभावकों का सब्र अब जवाब देने लगा है। दाखिले के लिए शिक्षा विभाग व स्कूलों का चक्कर लगा कर थक चुके कुछ अभिभवाकों ने अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूल में कराने की तैयारी कर ली है। अभिभावकों का कहना है कि आधी जुलाई बीत गई लेकिन अभी तक बच्चों का दाखिला नहीं हुआ, दाखिला होगा भी या नहीं इसकी स्थिति भी विभाग साफ नहीं कर पा रहा है। ऐसे में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। लोग मजबूरी में बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में कराने लगे हैं।
134ए के तहत अप्रैल माह से दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। बच्चों की परीक्षाएं ली गई और सत्यापन किया गया, लेकिन जब दाखिले की बारी आई तो से कुछ अभिभावकों को गरीबी रेखा से बाहर बताया गया। वहीं जिन अभिभावकों को लेटर मिला उन्हें स्कूल ने दाखिला देने से मना कर दिया। अभिभावक प्रवीण कुमार ने बताया कि काफी समय बीत गया है। अब इंतजार करने का समय नहीं। वक्त रहते दाखिला नहीं हुआ तो बच्चों का यह साल बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में दूसरे स्कूल में दाखिला कराना ही बेहतर होगा।
विज्ञापन
नेहा राय