महिलाओं में धूम्रपान से बढ़ रहा खतरा, इन दो खास वजहों के चलते पीती हैं सिगरेट
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दिल्ली की सात फीसदी महिलाएं धूम्रपान और तंबाकू के सेवन की वजह से सीने के संक्रमण से पीड़ित हैं। इंडस हेल्थ प्लस की ओर से करीब 25 हजार महिलाओं पर किए गए अध्ययन के बाद यह रिपोर्ट प्रकाशित की गई है।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने भी रिपोर्ट में कहा है कि भारत में 30 प्रतिशत कैंसर के मामले तंबाकू उत्पादों के सेवन से ही होते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली की करीब नौ फीसदी महिलाओं में मुख, मस्तिष्क और गर्दन के कैंसर का खतरा है।
तंबाकू में उपस्थित निकोटीन का हड्डियों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। अध्ययन में देखा गया कि धूम्रपान करने वाली मध्य आयु वर्ग की छह से आठ प्रतिशत महिलाओं में बोन डेंसिटी की समस्या है
इन महिलाओं में देखी गई ज्यादा समस्या
जबकि 40 से 50 वर्ष की महिलाओं में सांस संबंधी रोगों की समस्या ज्यादा देखी गई है। इंडस हेल्थ के अमोल नायकवाड़ी ने बताया कि 80 फीसदी क्रोनिक ऑबस्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के मामले तंबाकू युक्त धूम्रपान के कारण ही होते हैं।
अध्ययन के मुताबिक युवा लड़कों और लड़कियों के धूम्रपान करने के दो अहम कारण हैं। धूम्रपान करने वालों में से 10 प्रतिशत युवा साथियों के दवाब में और 11 प्रतिशत तनाव के कारण धूम्रपान करते हैं।
दिल्ली के शहरी और अर्ध शहरी इलाके में रह रहे मध्य आयु वर्ग के लोगों में ब्रॉन्काइटिस एवं सीने में जकड़न की समस्या आम बात है। सात से 10 फीसदी लोगों में फेफड़े की आयु में 10 वर्ष की गिरावट का जोखिम है।