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नया साल आने से पहले इनके लिए आई बुरी खबर
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 26 Dec 2014 08:36 PM IST
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ई-ग्रीटिंग के बढ़ते प्रचलन ने ग्रीटिंग कार्ड के कारोबार का दम निकाल दिया है। युवाओं के बीच मोबाइल मैसेजिंग और सोशल साइट पर बनी पैठ की वजह से बाजार में ग्रीटिंग कार्ड के खरीददार भी कम हो गए है। वहीं, कार्ड निर्माता कंपनी अपनी पहचान बनाने के लिए जद्दोजहद में जुटे हैं।
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दोस्तों को नए साल की बधाई देने के लिए दुकानों में अच्छे कार्ड चुनने में घंटों बिता देना अब बीते दिनों की बात हो गई है। अर्चीज व अन्य गैलरी पर सन्नाटा पसरा रहता है।
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सहारा मॉल स्थित एक अर्चीज गैलरी के संचालक की मानें तो बीते सालों के मुकाबले 40 फीसदी से अधिक की गिरावट हुई है। क्रिसमस से पहले ही क्रिसमस और हैप्पी न्यू ईयर का कार्ड खरीदने वालों की लंबी लाइन लगी होती है। एक सप्ताह में तीन-तीन ऑर्डर मंगाने पड़ते थे।
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गिरते कारोबार का नतीजा है क्रिसमस खत्म होने के बावजूद अब तक क्रिसमस के कार्ड की एक खेप नहीं बिकी है। अन्य अर्चीज और कार्ड विक्रेताओं की स्थिति भी कमोबेश यहीं है। पिछले सालों में एक अचीर्ज गैलरी से नवंबर से फरवरी के सीजन में करीब एक करोड़ रुपये का कारोबार होता था। लेकिन इस बार सभी चीजें बेचकर भी इतनी रकम निकलना मुश्किल है।
दुकानदारों का कहना है कि क्रिसमस, नए साल व अन्य मौकों पर बधाई संदेश लोग एसएमएस के जरिए देना ज्यादा बेहतर मानने लगे हैं। जिसका असर ग्रीटिंग कार्ड के कारोबार पर पड़ रहा है। युवाओं ने इसके लिए वाट्स, हाइक, वाइबर, वी-चैट, टेलीग्राम व अन्य मोबाइल मैसेजिंग सर्विस को अपना जरिया बना लिया है।
फंड इकट्ठा करना भी हुआ मुश्किल
ग्रीटिंग कार्ड के जरिए फंड इकट्ठा करने वाली गैर-सरकारी संस्थानों को भी इस गिरावट से झटका लगा है। यूनिसेफ, चाइल्ड रिलीफ एंड यू, क्राई और हेल्पएज जैसी स्वयंसेवी संगठनों को अब फंड इकट्ठा करना मुश्किल हो रहा है।
बता दें कि कार्ड बिक्री के जरिए कुल बिक्री का 25 फीसदी संस्थानों को जाता था। हेल्पऐज इंडिया के संचार एवं संसाधन विभाग के प्रवक्ता कहते है नए वर्ष पर ग्रीटिंग कार्ड की बिक्री न होना स्तब्ध कर देने वाला अनुभव है।
ई-ग्रीटिंग और एसएमएस का बढ़ता चलन से अधिक प्रभावित हुआ है। विक्रेता लक्ष्मी जैन कहते हैं कि लोग ग्रीटिंग कार्ड में ब्रांड ढूंढने लगे हैं। जिसकी वजह से अब आम ग्रीटिंग कार्ड कही नहीं टिकता है।
ग्रीटिंग कंपनी कर रहे हैं जद्दोजहद
ग्रीटिंग कार्ड निर्माता कंपनी अपनी पहचान बनाने के लिए जद्दोजहद में जुटे हैं। इसी का नतीजा है कि पिछले सालों के मुकाबले कार्ड के दाम में मामूली बढ़ोतरी हुई है।
150 रुपये में 150 अक्षरों में हैप्पी न्यू ईयर संदेश, 300 रुपये में तीस भाषा में संदेश जैसी सुविधा शुरू कर दी है। ग्रीटिंग कार्ड के गिरते कारोबार की वजह आर्चीज ने ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी है। इसमें अपने पसंद अनुसार संदेश अपनी मर्जी से लिखवा सकते हैं। खुद की पसंद से म्यूजिक डलवा सकते हैं।