{"_id":"66772626ef700d62de0d23d3","slug":"greater-noida-ravi-attri-lodged-in-meerut-jail-may-be-the-mastermind-of-neet-paper-leak-2024-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"NEET Paper Leak : मेरठ जेल में बंद रवि अत्री हो सकता है नीट पेपर लीक का मास्टरमाइंड, पुलिस कर रही है जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
NEET Paper Leak : मेरठ जेल में बंद रवि अत्री हो सकता है नीट पेपर लीक का मास्टरमाइंड, पुलिस कर रही है जांच
Sun, 23 Jun 2024 01:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 23 Jun 2024 01:15 AM IST
सार
माना जा रहा है कि उसने जेल में रहते हुए पेपर लीक के षड्यंत्र को अंजाम दिया है। फिलहाल, इस मामले में जांच एजेंसियों की पड़ताल जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले का पर्दाफाश हो जाएगा।
विज्ञापन
नीट पेपर लीक
- फोटो : Self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नीट पेपर लीक मामले में मेरठ जेल में बंद रवि अत्री को मास्टर माइंड माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उसने जेल में रहते हुए पेपर लीक के षड्यंत्र को अंजाम दिया है। फिलहाल, इस मामले में जांच एजेंसियों की पड़ताल जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले का पर्दाफाश हो जाएगा।
विज्ञापन
दरअसल, जेवर निवासी रवि अत्री वर्ष 2012 के नीट पेपर और यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के पेपर लीक के आरोपों में जेल में बंद है। रवि अत्री पेपर लीक का बड़ा मास्टरमाइंड माना जाता है। माना जा रहा है कि नीट पेपर लीक मामले में उसका भी हाथ हो सकता है।
विज्ञापन
अब तक पड़ताल में यह बात सामने आई है की अत्री वर्ष 2007 में राजस्थान के कोटा परीक्षा की तैयारी करने के लिए गया था। वहां उसकी दोस्ती नकल करने वाले गिरोह से हो गई। सबसे पहले उसने नकल माफिया के साथ मिलकर 2012 में नीट परीक्षा लीक कराई। उसी दौरान उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। यह नकल माफिया लगभग 100 करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी कर चुके हैं।
विज्ञापन
इस गिरोह पर अब तक नीट परीक्षाएं, एसबीआई असिस्टेंट, आरो, एआरओ, यूपी पुलिस भर्ती सहित आठ परीक्षा के पेपर लीक कराने का आरोप है। इस गैंग के तार दिल्ली से लेकर बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित तमाम राज्यों से जुड़े हुए हैं। जांच एजेंसियां इनकी तह तक जाने में जुटी हैं।