नर्सों की हड़ताल पर सरकार का हेस्मा, काम पर नहीं लौटने पर होगी बर्खास्तगी और गिरफ्तारी
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सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ देशभर में नर्सों के हड़ताल पर जाने के बाद दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अस्पतालों में हड़ताल पर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
दिल्ली सरकार के दिल्ली में हरियाणा एसेंसियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट-1974 (हेस्मा) लगा दिया है। इसके बाद भी नर्सें काम पर नहीं लौटतीं हैं तो उनकी गिरफ्तारी से लेकर नौकरी से बर्खास्तगी तक संभव है।
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली क्षेत्र के किसी भी अस्पताल में नर्स अगले छह माह तक हड़ताल पर नहीं जा सकती हैं। दिल्ली सरकार ने कहा कि इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से भी इस संबंध में एक पत्र मिला था, जिसमें स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारु रुप से चलाने के लिए निर्देश मिले थे।
उपराज्यपाल की अनुमति से दिल्ली में लगा हेस्मा
इसके बाद उपराज्यपाल की अनुमति से दिल्ली में हेस्मा लगा दिया गया है। सरकार की ओर से हेस्मा लगाने पर तर्क दिया गया है कि दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और अभी तक डेंगू से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है।
ऐसी स्थिति में हड़ताल से अस्पतालों में किसी तरह से भी चिकित्सा प्रभावित नहीं करने दिया जा सकता है। दिल्ली सरकार ने कहा कि ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन और दिल्ली नर्सेज फेडरेशन की हड़ताल की वजह से दिल्ली के अस्पतालों में चिकित्सा सेवा पर असर पड़ा है।
हड़ताल की वजह से ज्यादातर पहले से तय ऑपरेशन को टालना पड़ा, आपातकालीन सेवा पर भी असर पड़ा और ओपीडी की समयसीमा में भी कटौती करनी पड़ी है।