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भूख से होने वाली मौतें रोकने को कदम उठाए सरकार : कोर्ट
Thu, 17 Oct 2019 01:11 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 17 Oct 2019 01:11 AM IST
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delhi high court
- फोटो : PTI
राजधानी में भूख से होने वाली मौतों को रोकने के लिए हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को दिशा-निर्देश बनाने का आदेश दिया है। यह आदेश हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए दिया। गौरतलब है कि मंडावली इलाके में 2018 में भूख से तीन बच्चियों की मौत हो गई थी।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की खंडपीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि सरकार भूख से होने वाली मौतों को रोकने के लिए कदम उठाए। खंडपीठ ने दिल्ली सरकार के साथ अन्य संबंधित विभागों को भी आदेश देते हुए जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। पेश जनहित याचिका अधिवक्ता मनीष पाठक ने दायर की थी।
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याचिका में कहा गया था कि गरीब परिवारों के बच्चों के लिए रियायती दरों या मुफ्त में राशन उपलब्ध कराने के लिए नियम बनाने, गरीब लोगों में पोषण के स्तर की नियमित जांच तथा उनके परिवार में भूख आदि से मौत जैसी घटना होने पर परिजनों को मुआवजा देने का निर्देश सरकार को दिया जाए।
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याचिकाकर्ता ने दिल्ली सरकार के साथ केंद्र को भी इसके लिए नीति बनाने का निर्देश देने की गुहार लगाई थी। याचिका में यह मांग भी की गई थी कि मकान मालिकों को यह निर्देश दिया जाए कि अपनी झुग्गियों में रहने वाले किरायेदारों को किराया करारनामा या पहचान का दस्तावेज मुहैया करवाएं, ताकि वह लोग अपना राशन कार्ड बनवा सकें।
याचिका में कहा गया था कि भूख से मौत की ज्यादातर घटनाएं झुग्गियों में रहने वालों के साथ होती हैं, क्योंकि उनके पास सस्ती दर पर राशन पाने के लिए राशन कार्ड नहीं होता।