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हिंदी दिवस के नाम रहा ग्लोबल लिटरेरी फेस्टिवल, साहित्य पर हुई चर्चा
ब्यूरो न्यूज, अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 14 Sep 2018 10:13 PM IST
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Global literary Festival
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फिल्म और साहित्य एक दूसरे के पूरक रहे है, जिस प्रकार एक अच्छी फिल्म के लिए निर्देशक, संगीतकार, गीतकार और कलाकारों की आवश्यकता होती है उसी प्रकार साहित्य में भी कहानी के पात्र और आधुनिकता का होना बहुत आवश्यक है। एक अच्छी कहानी और एक अच्छा स्क्रीनप्ले एक बेहतरीन फिल्म को जन्म दे सकता है, यह कहना था फिल्म मेकर विवेक अग्निहोत्री का है।
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विवेक मारवाह स्टूडियो में चल रहे 3 दिवसीय ग्लोबल लिटरेरी फेस्टिवल के दूसरे दिन समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। उन्होंने छात्रों को बताया कि जो भी करें अच्छा करें और लिखने की आदत डाले, कई बार हमारे दिमाग में अच्छा विचार आता है तो हमे तुरंत लिख लेना चाहिए क्योकि लिखी हुई बात को हम भूल नहीं सकते। इस अवसर पर लिसोथो के राजदूत बोथोट सिकोन, एनटीपीसी विध्यांचल के एडी ऐ. के. तिवारी, कहानीकार पंकज मित्रा, प्रकाशक राकेश बिहारी और कथाकर बालचंद्र जोशी उपस्थित रहे।
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