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एडवांस ट्रेनिंग लेकर चुनौतियों का सामना करेगी पुलिस
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Fri, 16 Dec 2016 11:48 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़, हैदराबाद, वेस्ट बंगाल और जयपुर के बाद गाजियाबाद में ‘सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग स्कूल’ का उद्घाटन शुक्रवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किया। 2012 से गाजियाबाद में चल रहा यह ट्रेनिंग स्कूल अब बड़े स्तर पर चलाने के लिए 65 करोड़ की लागत से नई बिल्डिंग बनाई गई है।
उद्घाटन समारोह में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पुलिस को नई चुनौतियां मिल रही हैं। इनका मुकाबला पुलिस अधिकारी एडवांस ट्रेनिंग लेकर ही कर सकते हैं। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस अफसरों और स्टाफ को पुरस्कृत भी किया।
देश का यह पांचवां डिटेक्टिव ट्रेनिंग स्कूल हैं और यहां देश के सात राज्यों यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड और दिल्ली की पुलिस एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान गृहमंत्री ने कहा कि ट्रेनिंग की क्वालिटी को इंप्रूव करके ही एक्सपर्टाइज हासिल होंगी।
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उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में साइबर क्राइम, मोबाइल, फाइनेंशियल क्राइम और टेरेरिज्म पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन रही हैं। इनसे निपटने के लिए जरूरी है कि पुलिस अधिकारियों और स्टाफ को भी एडवांस ट्रेनिंग दी जाए।
देश भर के पांच ट्रेनिंग स्कूलों को संचालित करने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी) एक थिंक टैंक है और यह गृहमंत्रालय को बेहतर पुलिसिंग के लिए सुझाव दे सकती है। उन पर काम किया जाएगा।
इस दौरान बीपीआरडी की डायरेक्टर जनरल मीरा सी बोरवंक ने बताया कि देश भर में 22.8 लाख पुलिसकर्मी है, लेकिन इनमें से सिर्फ 1.5 लाख पुलिसकमियों ने ही एडवांस ट्रेनिंग ली हुई है। उन्होंने ट्रेनिंग स्कूलों की संख्या बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा संसाधनों में प्रत्येक पुलिसकर्मी को ट्रेंड करने में 16 साल लग जाएंगे।
उन्होंने बताया कि तीन साल में वह इस ट्रेनिंग स्कूल में 143 प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर 3 हजार पुलिसकर्मियों और अफसरों को ट्रेनिंग दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस स्कूल में महिलाओं के प्रति अपराधों को रोकने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की जांच का तरीके भी सिखाए जा रहे हैं।
इस दौरान सीआरपीएफ के डीजी के. दुर्गा प्रसाद, तेलंगाना के डीजीपी अनुराग शर्मा, मध्य प्रदेश के डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला, अरुणा बहुगुणा, सीआरपीएफ के डीआईजी सत्यपाल रावत, बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट अजित मोहन, दिल्ली पुलिस के एसीपी ओमप्रकाश शर्मा समेत ट्रेनिंग में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत किया गया।
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उद्घाटन समारोह में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पुलिस को नई चुनौतियां मिल रही हैं। इनका मुकाबला पुलिस अधिकारी एडवांस ट्रेनिंग लेकर ही कर सकते हैं। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस अफसरों और स्टाफ को पुरस्कृत भी किया।
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देश का यह पांचवां डिटेक्टिव ट्रेनिंग स्कूल हैं और यहां देश के सात राज्यों यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड और दिल्ली की पुलिस एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान गृहमंत्री ने कहा कि ट्रेनिंग की क्वालिटी को इंप्रूव करके ही एक्सपर्टाइज हासिल होंगी।
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उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में साइबर क्राइम, मोबाइल, फाइनेंशियल क्राइम और टेरेरिज्म पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन रही हैं। इनसे निपटने के लिए जरूरी है कि पुलिस अधिकारियों और स्टाफ को भी एडवांस ट्रेनिंग दी जाए।
देश भर के पांच ट्रेनिंग स्कूलों को संचालित करने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी) एक थिंक टैंक है और यह गृहमंत्रालय को बेहतर पुलिसिंग के लिए सुझाव दे सकती है। उन पर काम किया जाएगा।
इस दौरान बीपीआरडी की डायरेक्टर जनरल मीरा सी बोरवंक ने बताया कि देश भर में 22.8 लाख पुलिसकर्मी है, लेकिन इनमें से सिर्फ 1.5 लाख पुलिसकमियों ने ही एडवांस ट्रेनिंग ली हुई है। उन्होंने ट्रेनिंग स्कूलों की संख्या बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा संसाधनों में प्रत्येक पुलिसकर्मी को ट्रेंड करने में 16 साल लग जाएंगे।
उन्होंने बताया कि तीन साल में वह इस ट्रेनिंग स्कूल में 143 प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर 3 हजार पुलिसकर्मियों और अफसरों को ट्रेनिंग दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस स्कूल में महिलाओं के प्रति अपराधों को रोकने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की जांच का तरीके भी सिखाए जा रहे हैं।
इस दौरान सीआरपीएफ के डीजी के. दुर्गा प्रसाद, तेलंगाना के डीजीपी अनुराग शर्मा, मध्य प्रदेश के डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला, अरुणा बहुगुणा, सीआरपीएफ के डीआईजी सत्यपाल रावत, बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट अजित मोहन, दिल्ली पुलिस के एसीपी ओमप्रकाश शर्मा समेत ट्रेनिंग में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत किया गया।