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ये कैसा सफाई अभियान...फोटो खिंचाने पर ही ध्यान
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 03 Oct 2016 12:05 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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महात्मा गांधी का स्वच्छता का संदेश नगर निगम और शहर के लोगों ने उन्हीं की जयंती पर भुला दिया। गांधी जयंती पर शहर में स्वच्छता अभियान चला, लेकिन सिर्फ खानापूर्ति के लिए।
कुछ स्थानों पर अभियान फोटो सेशन तक सीमित रहा तो कहीं झाड़ू लगाकर कचरा सड़कों किनारे ही छोड़ दिया गया। गांधी जयंती इस बार रविवार को थी, लिहाजा निगम कर्मचारियों ने भी सफाई में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
स्थान- एनएच-24 बागू के सामने
एनएच-24 से सटे बागू के सामने गांधी जयंती पर भी सफाई नहीं हुई। सड़क किनारे भारी मात्रा में कचरा फैला हुआ था। स्थानीय निवासी रविंद्र कुमार ने बताया कि यहां कई-कई दिन में कूड़ा उठाया जाता है। रविवार को निगम के कर्मचारी कचरा उठाने नहीं पहुंचे।
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स्थान- राका पार्क के बाहर
गाजियाबाद की बिजनेस स्ट्रीट कही जाने वाली अंबेडकर रोड पर राका पार्क के बाहर कचरा आधी सड़क तक फैल गया था। एनजीटी की रोक के बावजूद यहां कचरा जलता हुआ भी मिला। कचरे की वजह से एक तरफ यातायात बाधित हो रहा था, तो दूसरी ओर यहां से निकलना लोगों के लिए दूभर हो रहा था।
नेहरू युवा केंद्र
नेहरू युवा केंद्र के बाहर नगर निगम ने डलाब घर बना रखा है। रविवार को यहां भी कचरा सड़क तक फैला हुआ था। हालांकि यहां अन्य स्थानों की अपेक्षा कचरा कम था, लेकिन पूरी तरह साफ भी नहीं था। कचरे के साथ ही डेयरियों से निकलने वाली गंदगी भी यहां सड़क किनारे ही फैली हुई थी।
न्यू आर्य नगर
कोटगांव फाटक के पास न्यू आर्य नगर में भी कूड़े का ऐसा ही हाल दिखा। आरपीएफ के क्वार्टरों के पास बड़ी मात्रा में कचरा फैला हुआ था। जिस रास्ते पर कचरा फैला हुआ था, उसी रास्ते से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग पुराने शहर और विजयनगर के बीच आवागमन करते हैं। कूड़ा फैला होने की वजह से यहां से गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी हुई।
आम जनता ने भी नहीं की पहल
गांधी जयंती पर चुनिंदा संगठन और संस्थाओं को छोड़ दें तो अधिकांश जगह सफाई के लिए प्रति कोई खास जागरूकता नहीं दिखी। बीते साल दो अक्तूबर को बड़े स्तर पर शहर में सफाई अभियान चलाया गया था। इस दौरान राजनीतिक दल, सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ लोगों ने भी अपने घरों के आसपास सफाई की थी। इस बार लोगों में इसके प्रति उदासीनता रही।
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कुछ स्थानों पर अभियान फोटो सेशन तक सीमित रहा तो कहीं झाड़ू लगाकर कचरा सड़कों किनारे ही छोड़ दिया गया। गांधी जयंती इस बार रविवार को थी, लिहाजा निगम कर्मचारियों ने भी सफाई में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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स्थान- एनएच-24 बागू के सामने
एनएच-24 से सटे बागू के सामने गांधी जयंती पर भी सफाई नहीं हुई। सड़क किनारे भारी मात्रा में कचरा फैला हुआ था। स्थानीय निवासी रविंद्र कुमार ने बताया कि यहां कई-कई दिन में कूड़ा उठाया जाता है। रविवार को निगम के कर्मचारी कचरा उठाने नहीं पहुंचे।
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स्थान- राका पार्क के बाहर
गाजियाबाद की बिजनेस स्ट्रीट कही जाने वाली अंबेडकर रोड पर राका पार्क के बाहर कचरा आधी सड़क तक फैल गया था। एनजीटी की रोक के बावजूद यहां कचरा जलता हुआ भी मिला। कचरे की वजह से एक तरफ यातायात बाधित हो रहा था, तो दूसरी ओर यहां से निकलना लोगों के लिए दूभर हो रहा था।
नेहरू युवा केंद्र
नेहरू युवा केंद्र के बाहर नगर निगम ने डलाब घर बना रखा है। रविवार को यहां भी कचरा सड़क तक फैला हुआ था। हालांकि यहां अन्य स्थानों की अपेक्षा कचरा कम था, लेकिन पूरी तरह साफ भी नहीं था। कचरे के साथ ही डेयरियों से निकलने वाली गंदगी भी यहां सड़क किनारे ही फैली हुई थी।
न्यू आर्य नगर
कोटगांव फाटक के पास न्यू आर्य नगर में भी कूड़े का ऐसा ही हाल दिखा। आरपीएफ के क्वार्टरों के पास बड़ी मात्रा में कचरा फैला हुआ था। जिस रास्ते पर कचरा फैला हुआ था, उसी रास्ते से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग पुराने शहर और विजयनगर के बीच आवागमन करते हैं। कूड़ा फैला होने की वजह से यहां से गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी हुई।
आम जनता ने भी नहीं की पहल
गांधी जयंती पर चुनिंदा संगठन और संस्थाओं को छोड़ दें तो अधिकांश जगह सफाई के लिए प्रति कोई खास जागरूकता नहीं दिखी। बीते साल दो अक्तूबर को बड़े स्तर पर शहर में सफाई अभियान चलाया गया था। इस दौरान राजनीतिक दल, सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ लोगों ने भी अपने घरों के आसपास सफाई की थी। इस बार लोगों में इसके प्रति उदासीनता रही।