फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   We will request a structural audit from the GDA and initiate work once the report is received.

Ghaziabad News: जीडीए से स्ट्रक्चर ऑडिट की करेंगे मांग, रिपोर्ट आने पर शुरू कराएंगे काम

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2026 01:51 AM IST
विज्ञापन
We will request a structural audit from the GDA and initiate work once the report is received.
साहिबाबाद। देविका टावर में छज्जा गिरने के बाद सोसायटी निवासियों की चिंता बढ़ गई है और अब आरडब्ल्यूए स्ट्रक्चर ऑडिट कराने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से पत्राचार करेगा। उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही मरम्मत समेत अन्य कार्य कराया जाएगा। शनिवार को आरडब्ल्यूए अपने स्तर से व्यवस्थाएं सुधारने में जुटी है। हादसाग्रस्त क्षेत्र में बैरिकेडिंग करके वहां आना-जाना बंद कर दिया है। सोसायटी में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। उधर, शनिवार को बीमा कंपनी के प्रतिनिधि पहुंचे और इमारत में घटनास्थल का निरीक्षण किया। हालांकि टीम अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। वहीं, प्रशासन और जीडीए की ओर से अधिकारियों के संज्ञान न लेने से निवासियों में रोष है।
विज्ञापन

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया कि इमारत का बीमा करा रखा है। बीमा कंपनी की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करते हुए आवश्यक जानकारी जुटाई है। अब सोसायटी की ओर से जीडीए से इमारत का स्ट्रक्चर ऑडिट कराने के लिए पत्राचार किया जाएगा। स्ट्रक्चर ऑडिट की रिपोर्ट आने के बाद ही रिकंस्ट्रक्शन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि सोसायटी में क्षतिग्रस्त हुए फ्लैटों की बालकनी के मेनटेनेंस भी जल्द शुरू कराया जाएगा। हादसे के बाद सोसायटी के लोग थोड़े डरे हुए हैं।
विज्ञापन

सोसायटी निवासियों में दहशत
सोसायटी निवासी सुमन ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इमारत के किन हिस्सों में मरम्मत या अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत है। छज्जा गिरने के बाद हादसे वाले स्थान पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। वहीं, राधिका ने बताया कि वह क्षतिग्रस्त टॉवर के सामने रहती हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद अब घर की बालकनी में जाने से भी डर लग रहा है। उनका कहना है कि जर्जर छज्जे का मलबा अभी भी आठवीं मंजिल के छज्जे पर अटका हुआ है। लोगों में डर है कि मलबा दोबारा नीचे गिरकर दूसरे फ्लैटों के छज्जों को प्रभावित कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या कहते हैं सोसायटीवासी
हादसे के समय वह बाहर के गेट पर खड़े थे और कार निकाल रहे थे, छज्जा गिरते समय आने वाली आवाज ने उन्हें भयभीत कर दिया। अब अपने घर में भी ड्रिलिंग कराने से डर लग रहा है।- राजेश कुमार
सोसायटी में शाम को अकसर उस क्षेत्र में बच्चे खेलते हैं और अन्य लोग भी टहलते हैं, लेकिन संयोग से उस समय वहां कोई नहीं था। इससे बड़ा हादसा होने से बच गया।- रेनू
जीडीए को नहीं दी अभी सूचना
अभी तक जीडीए में किसी तरह की शिकायत या मांगपत्र सोसायटी की ओर से नहीं मिली है। सोसायटी में टीम न पहुंचने वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि यह निजी सोसायटी है, ऐसे में शिकायत आती है तो उस पर विचार किया जाएगा।-रुद्रेश शुक्ला,मीडिया प्रभारी जीडीए।
पार्षद ने किया सोसायटी का निरीक्षण

स्थानीय पार्षद नीलम भारद्वाज ने बताया कि सोसायटी की इमारत करीब 30 साल पुरानी है। हादसे के दिन 12वीं मंजिल पर ड्रिलिंग और मरम्मत संबंधी कार्य कराया जा रहा था। आशंका है कि ड्रिलिंग के दौरान बालकनी का छज्जा नीचे आ गिरा। उन्होंने कहा कि सोसायटी का भ्रमण किया गया तो अधिकतर छज्जों में दरारें आ चुकी हैं और निवासियों के लिए यह खतरा बना हुआ है।


निर्माण सामग्री की गुणवत्ता ठीक न होने से होते हैं हादसे
इमारत की मजबूती सरिया और सीमेंट की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। बेहतर सरिया की उम्र 100 साल तक होती है। बहुमंजिला इमारतों में डिजाइन और निर्माण सामग्री महत्व रखते हैं, इनमें से कोई भी चीज यदि कमजोर रही तो दो से तीन दशक में ही दीवारें दरकने लगती हैं।- बीके गुप्ता, सेवानिवृत इंजीनियर, बीआईएस।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed