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Ghaziabad News: हिंडन किनारे गिरता जा रहा जलस्तर
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निशा ठाकुर
साहिबाबाद। हिंडन किनारे बनी सोसायटियों में पानी की किल्लत होने लगी है। पुराने बोरवेल जवाब दे चुके हैं, नया बोरवेल कब तक लोगों को पानी देगा इसका भी कोई ठीक नहीं है। ऐसे में इंदिरापुरम के लोगों ने जीडीए वीसी से गुहार लगाई है कि जीडीए अब इंदिरापुरम में बहुमंजिला इमारत निर्माण की मंजूरी न दें। इंदिरपुरम के पार्षदों ने कहा कि यहां बहुमंजिला इमारत का निर्माण होता रहा तो लोग यहां पानी को तरसेंगे।
वार्ड 100 के पार्षद संजय सिंह ने बताया कि शिप्रा सनसिटी समेत अन्य कई सोसायटियों में पुराने बोरवेल खराब हो चुके हैं। शिप्रा सनसिटी फेज-1 और फेज-2 के दो से तीन बोरवेल खराब हो गए जिसकी जगह एओए ने नए बोरवेल कराए हैं। इंदिरापुरम, वसुंधरा और वैशाली में गंगाजल दिया जाता है लेकिन आए दिन यहां पानी की समस्या रहती है। ऐसे में बड़ी सोसायटियों ने जहां बोरवेल कराए हुए हैं वहीं ज्ञानखंड और न्यायखंड जीडीए काॅलोनी में लोगों ने सबमर्सिबल कराया हुआ है। इसके जरिए लोग दैनिक कार्यों के लिए पानी भरते हैं। भू जल लघु सिंचाई नोडल अधिकारी हरिओम का कहना है कि विभाग जल संरक्षण के प्रति लोगों को लगातार जागरूक कर रहा है। सर्वे कर अवैध तौर पर संचालित पानी के प्लांट को बंद कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध प्लांट की वजह से भूजल दोहन अधिक होता है।
वर्ष दर वर्ष गिरता भूजल स्तर मीटर में
वर्ष गिरता जल स्तर मीटर
2018 24.9
2019 26.50
2020 27.60
2021 29.40
2022 31.00
2023 32.30
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इनसेट
350 फुट से भी गहरा डालना पड़ रहा पाइप
इंदिरापुरम में पहले 200 से 250 फुट की गहराई पर पानी मिल जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब जो नया बोरबेल किया जा रहा है वह 350 फुट तक पाइप डालने पर पानी मिल पाता है। इसमें भी मोटर करीब 15 से 20 मिनट तक चलाने के बाद पानी ऊपर चढ़ता है। इंदिरापुरम काला पत्थर रोड पर यह गहराई 400 फुट तक पहुंच चुकी है।
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इनसेट
लोगों से पानी बचाव की अपील
शिप्रा सनसिटी समेत इंदिरापुरम की अन्य सोसायटियों की एओए लोगों से पानी बचाने की अपील कर रही है। एसी और ऑरो से निकलने वाले पानी को संरक्षित कर उनका प्रयोग पौधों को देने के लिए किए जाने को कहा जा रहा है। वहीं शिप्रा रिवेरा सोसायटी एओए ने अपने यहां अलार्म लगाया हुआ है जो पानी की टंकी भर जाने के बाद बजता है।
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साहिबाबाद। हिंडन किनारे बनी सोसायटियों में पानी की किल्लत होने लगी है। पुराने बोरवेल जवाब दे चुके हैं, नया बोरवेल कब तक लोगों को पानी देगा इसका भी कोई ठीक नहीं है। ऐसे में इंदिरापुरम के लोगों ने जीडीए वीसी से गुहार लगाई है कि जीडीए अब इंदिरापुरम में बहुमंजिला इमारत निर्माण की मंजूरी न दें। इंदिरपुरम के पार्षदों ने कहा कि यहां बहुमंजिला इमारत का निर्माण होता रहा तो लोग यहां पानी को तरसेंगे।
वार्ड 100 के पार्षद संजय सिंह ने बताया कि शिप्रा सनसिटी समेत अन्य कई सोसायटियों में पुराने बोरवेल खराब हो चुके हैं। शिप्रा सनसिटी फेज-1 और फेज-2 के दो से तीन बोरवेल खराब हो गए जिसकी जगह एओए ने नए बोरवेल कराए हैं। इंदिरापुरम, वसुंधरा और वैशाली में गंगाजल दिया जाता है लेकिन आए दिन यहां पानी की समस्या रहती है। ऐसे में बड़ी सोसायटियों ने जहां बोरवेल कराए हुए हैं वहीं ज्ञानखंड और न्यायखंड जीडीए काॅलोनी में लोगों ने सबमर्सिबल कराया हुआ है। इसके जरिए लोग दैनिक कार्यों के लिए पानी भरते हैं। भू जल लघु सिंचाई नोडल अधिकारी हरिओम का कहना है कि विभाग जल संरक्षण के प्रति लोगों को लगातार जागरूक कर रहा है। सर्वे कर अवैध तौर पर संचालित पानी के प्लांट को बंद कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध प्लांट की वजह से भूजल दोहन अधिक होता है।
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वर्ष दर वर्ष गिरता भूजल स्तर मीटर में
वर्ष गिरता जल स्तर मीटर
2018 24.9
2019 26.50
2020 27.60
2021 29.40
2022 31.00
2023 32.30
इनसेट
350 फुट से भी गहरा डालना पड़ रहा पाइप
इंदिरापुरम में पहले 200 से 250 फुट की गहराई पर पानी मिल जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब जो नया बोरबेल किया जा रहा है वह 350 फुट तक पाइप डालने पर पानी मिल पाता है। इसमें भी मोटर करीब 15 से 20 मिनट तक चलाने के बाद पानी ऊपर चढ़ता है। इंदिरापुरम काला पत्थर रोड पर यह गहराई 400 फुट तक पहुंच चुकी है।
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लोगों से पानी बचाव की अपील
शिप्रा सनसिटी समेत इंदिरापुरम की अन्य सोसायटियों की एओए लोगों से पानी बचाने की अपील कर रही है। एसी और ऑरो से निकलने वाले पानी को संरक्षित कर उनका प्रयोग पौधों को देने के लिए किए जाने को कहा जा रहा है। वहीं शिप्रा रिवेरा सोसायटी एओए ने अपने यहां अलार्म लगाया हुआ है जो पानी की टंकी भर जाने के बाद बजता है।