{"_id":"661f03a42e81c2c340012384","slug":"upsc-hardik-got-304-rank-in-fourth-attempt-ghaziabad-news-c-134-1-sbd1008-108089-2024-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपीएससी : चौथे प्रयास में हार्दिक को मिली 304 रैंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपीएससी : चौथे प्रयास में हार्दिक को मिली 304 रैंक
विज्ञापन
हार्दिक चंदेल।
साहिबाबाद। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में शहर के दो होनहारों ने सफलता हासिल की है। वैशाली के हार्दिक चंदेल ने अपने चौथे प्रयास में 304 रैंक हासिल किया है। वहीं, इंदिरापुरम के रिपु दमन सिंह ने पांचवें प्रयास में 977 रैंक हासिल किया है।
वैशाली सेक्टर-एक में रहने वाले हार्दिक चंदेल ने बताया कि यह सफलता इन्हें चौथे प्रयास में मिली है। हार्दिक ने बताया कि करीब 25 मिनट तक हुए साक्षात्कार में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ ही गाजियाबाद से भी जुड़े सवाल पूछे गए। हार्दिक ने बताया कि उनसे पूछा गया कि कि 15 वर्ष से गाजियाबाद में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है कि इसकी वजह क्या है और प्रदूषण कम करने का निदान क्या है। हार्दिक ने 2019 में एनआईटी, कुरुक्षेत्र से बीटेक इलेक्ट्राॅनिक एंड कम्यूनिकेशन से किया है। इसके बाद से ही उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी थी। तैयारी के लिए उन्होंने कोचिंग भी किया। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान वह सोशल मीडिया पर बहुत कम समय बिताते थे। उन्होंने कहा सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए कहा कि असफलता से निराश होने की बजाय अतिरिक्त उत्साह के साथ तैयारी करना चाहिए, सफलता मिलती ही है। हार्दिक के पिता अरुण कुमार सिंह एक निजी कंपनी में इंजीनियर हैं। मां आकांक्षा सिंह गृहणी हैं।
नाैकरी के साथ की पढ़ाई
इंदिरापुरम के ज्ञानखंड-तीन में रहने वाले रिपु दमन सिंह ने पांचवें प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाई है। रिपु के पिता टीपी सिंह ने बताया कि बेटा आईआईटी रुड़की से एमटेक किया है। सिविल सेवा परीक्षा में 977 रैंक हासिल किया है। मौजूदा समय में बेटा चित्तौड़गढ़ में बीएचईएल में अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि बेटा दिनभर नौकरी के बाद रात में पढ़ाई करता था। परीक्षा की तारीख नजदीक आने पर तीन माह घर पर आकर पढ़ाई की थी। सोशल मीडिया का उपयोग जानकारी जुटाने के लिए कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
वैशाली सेक्टर-एक में रहने वाले हार्दिक चंदेल ने बताया कि यह सफलता इन्हें चौथे प्रयास में मिली है। हार्दिक ने बताया कि करीब 25 मिनट तक हुए साक्षात्कार में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ ही गाजियाबाद से भी जुड़े सवाल पूछे गए। हार्दिक ने बताया कि उनसे पूछा गया कि कि 15 वर्ष से गाजियाबाद में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है कि इसकी वजह क्या है और प्रदूषण कम करने का निदान क्या है। हार्दिक ने 2019 में एनआईटी, कुरुक्षेत्र से बीटेक इलेक्ट्राॅनिक एंड कम्यूनिकेशन से किया है। इसके बाद से ही उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी थी। तैयारी के लिए उन्होंने कोचिंग भी किया। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान वह सोशल मीडिया पर बहुत कम समय बिताते थे। उन्होंने कहा सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए कहा कि असफलता से निराश होने की बजाय अतिरिक्त उत्साह के साथ तैयारी करना चाहिए, सफलता मिलती ही है। हार्दिक के पिता अरुण कुमार सिंह एक निजी कंपनी में इंजीनियर हैं। मां आकांक्षा सिंह गृहणी हैं।
विज्ञापन
नाैकरी के साथ की पढ़ाई
इंदिरापुरम के ज्ञानखंड-तीन में रहने वाले रिपु दमन सिंह ने पांचवें प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाई है। रिपु के पिता टीपी सिंह ने बताया कि बेटा आईआईटी रुड़की से एमटेक किया है। सिविल सेवा परीक्षा में 977 रैंक हासिल किया है। मौजूदा समय में बेटा चित्तौड़गढ़ में बीएचईएल में अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि बेटा दिनभर नौकरी के बाद रात में पढ़ाई करता था। परीक्षा की तारीख नजदीक आने पर तीन माह घर पर आकर पढ़ाई की थी। सोशल मीडिया का उपयोग जानकारी जुटाने के लिए कर रहे थे।
विज्ञापन

हार्दिक चंदेल।