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कूड़े में फाइलें फेंकने में नपे जीडीए के दो बाबू
ब्यूरो,अमर उजाला/गाजियाबाद
Updated Sun, 02 Apr 2017 12:52 AM IST
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जीडीए
- फोटो : अमर उजाला
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कचरे में फाइलें फेंकने के मामले में जीडीए के दो बाबुओं पर गाज गिरी है। शनिवार को जीडीए के प्रभारी उपाध्यक्ष रवींद्र गोडबोले ने संपत्ति विभाग के दो बाबुओं दीपक तलवार और पब्बर राम को निलंबित कर दिया है। अब कूड़े में मिलीं फाइलों की लिस्टिंग कराई जा रही है।
बृहस्पतिवार शाम जीडीए दफ्तर में पीछे की तरफ करीब-करीब 40 से ज्यादा फाइलें पड़ी हुई मिली थीं। जीडीए के प्रभारी उपाध्यक्ष रवींद्र गोडबोले ने मौके पर पहुंच फाइलों को इकट्ठा कराकर रिकार्ड रूम में रखवाया था। उन्होंने इस मामले में जांच भी बैठा दी थी।
जांच अधिकारी डीपी सिंह ने प्रभारी उपाध्यक्ष को जांच सौंप दी है। प्रभारी वीसी रवींद्र गोडबोले ने बताया कि नियमों को ताक पर रखकर कूड़े में पत्रावलियां फेंकने के मामले में दो लिपिकों को निलंबित किया गया है। फिलहाल कूड़े में मिली फाइलों की लिस्टिंग कराई जा रही है।
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लिस्टिंग के बाद पता चलेगा कि किस विभाग की कितनी फाइलें फेंकी गई थीं। इनमें कई फाइलों में नक्शे भी लगे हुए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि वह नक्शे रिजेक्टेड थे। माना जा रहा है कि इस मामले में कई अन्य बाबुओं पर भी निलंबन की गाज गिर सकती है।
फाइलों को नष्ट करने के भी हैं खास नियम
जीडीए में पुरानी फाइलों को नष्ट करने के नियम तय हैं। जीडीए में दो तरह के रिकार्ड होते हैं। इन्हें चालू रिकार्ड और परमानेंट रिकार्ड कहा जाता है। जीडीए के प्रभारी वीसी ने बताया कि पुराने हो चुके चालू रिकार्ड को नष्ट करने के लिए विभागीय अध्यक्ष की अनुमति लेना अनिवार्य है।
इसके बाद उसे विधिवत नष्ट किया जाता है। इस प्रक्रिया को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर कहा जाता है। बिना विभागीय अध्यक्ष की अनुमति के कोई भी बाबू पुरानी पत्रावली को नष्ट नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि सभी विभागों को आदेश जारी कर इन नियमों का पालन करने को कहा गया है।
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बृहस्पतिवार शाम जीडीए दफ्तर में पीछे की तरफ करीब-करीब 40 से ज्यादा फाइलें पड़ी हुई मिली थीं। जीडीए के प्रभारी उपाध्यक्ष रवींद्र गोडबोले ने मौके पर पहुंच फाइलों को इकट्ठा कराकर रिकार्ड रूम में रखवाया था। उन्होंने इस मामले में जांच भी बैठा दी थी।
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जांच अधिकारी डीपी सिंह ने प्रभारी उपाध्यक्ष को जांच सौंप दी है। प्रभारी वीसी रवींद्र गोडबोले ने बताया कि नियमों को ताक पर रखकर कूड़े में पत्रावलियां फेंकने के मामले में दो लिपिकों को निलंबित किया गया है। फिलहाल कूड़े में मिली फाइलों की लिस्टिंग कराई जा रही है।
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लिस्टिंग के बाद पता चलेगा कि किस विभाग की कितनी फाइलें फेंकी गई थीं। इनमें कई फाइलों में नक्शे भी लगे हुए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि वह नक्शे रिजेक्टेड थे। माना जा रहा है कि इस मामले में कई अन्य बाबुओं पर भी निलंबन की गाज गिर सकती है।
फाइलों को नष्ट करने के भी हैं खास नियम
जीडीए में पुरानी फाइलों को नष्ट करने के नियम तय हैं। जीडीए में दो तरह के रिकार्ड होते हैं। इन्हें चालू रिकार्ड और परमानेंट रिकार्ड कहा जाता है। जीडीए के प्रभारी वीसी ने बताया कि पुराने हो चुके चालू रिकार्ड को नष्ट करने के लिए विभागीय अध्यक्ष की अनुमति लेना अनिवार्य है।
इसके बाद उसे विधिवत नष्ट किया जाता है। इस प्रक्रिया को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर कहा जाता है। बिना विभागीय अध्यक्ष की अनुमति के कोई भी बाबू पुरानी पत्रावली को नष्ट नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि सभी विभागों को आदेश जारी कर इन नियमों का पालन करने को कहा गया है।