{"_id":"578674a84f1c1b027d13ed4e","slug":"tracking-app-will-help-in-times-of-trouble","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुसीबत के समय ट्रैकिंग एप करेगा मदद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुसीबत के समय ट्रैकिंग एप करेगा मदद
ब्यूरो,अमर उजाला वैशाली
Updated Wed, 13 Jul 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
चंदन सत्यार्थी का कहना है कि ऐप में किसी भी गलत सूचना को नहीं डाला जा सकता।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बढ़ रहे अपराधों को देखते हुए हॉट सिटी के अभिभावक ट्रैकिंग एप का सहारा ले रहे हैं। इस एप पर पूरी फैमिली को जोड़कर एक दूसरे की लोकेशन का पता आसानी से लगाया जा सकता है। साथ ही मुसीबत के समय एप पर दिए गए हेल्प बटन को दबाते ही लोकेशन परिवार के हर सदस्य तक पहुंच जाएगी।
टीएचए में काफी संख्या में युवतियां दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव काम करने जाती हैं। शाम को घर आने के लिए मेट्रो तक का सफर तो सुरक्षित होता है, लेकिन मेट्रो से घर जाने के बीच का सफर सुरक्षित नहीं है।
आए दिन ऑटो में महिलाओं से छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग की घटनाएं होती हैं और कुछ समय पहले ही एक युवती की किडनैपिंग भी हो गई थी। इन वारदातों ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। इसे देखते हुए टीएचए के कुछ अभिभावकों ने ट्रैकिंग एप को अपनाया है, जिससे बच्चों की लोकेशन पता रहे।
विज्ञापन
यह एप गूगल प्ले स्टोर पर रीच मी और फैमिली लोकेटर आदि नामों से हैं। इन एप से जुड़े लोगों को अगर कोई दिक्कत होती है और वह हेल्प बटन दबाते हैं तो इसकी सूचना फैमिली के अन्य सदस्यों तक पहुंच जाएगी।
सीओ इंदिरापुरम ने बताया कि मुसीबत के समय अगर पीड़ित की लोकेशन पता हो पुलिस को मदद पहुंचाने में आसानी होती है। इस तरह के एप से लाभ मिलता है। लोकेशन ट्रेस करने में लगने वाले वक्त कम होता है।
बोलीं महिलाएं
बीते दिनों युवतियों के साथ लूट, चेन स्नैचिंग के साथ ही कई मामले हुए। समस्या को देखते हुए बेटी ने ही इस एप के बारे में बताया। अब उसके बाहर रहने पर भी उसकी लोकेशन पता रहती है।
- सुषमा, निवासी वैशाली
एप के जरिए काफी सहूलियत हो रही है। बेटी के साथ ही बेटे व परिवार के अन्य लोगों की लोकेशन के बारे में जानकारी मिल रही है। इस एप के बारे में कालोनी के अन्य लोगों को भी जानकारी दी जा रही है।
- नीलू पांडेय, निवासी वैशाली सेक्टर-5
विज्ञापन
टीएचए में काफी संख्या में युवतियां दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव काम करने जाती हैं। शाम को घर आने के लिए मेट्रो तक का सफर तो सुरक्षित होता है, लेकिन मेट्रो से घर जाने के बीच का सफर सुरक्षित नहीं है।
विज्ञापन
आए दिन ऑटो में महिलाओं से छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग की घटनाएं होती हैं और कुछ समय पहले ही एक युवती की किडनैपिंग भी हो गई थी। इन वारदातों ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। इसे देखते हुए टीएचए के कुछ अभिभावकों ने ट्रैकिंग एप को अपनाया है, जिससे बच्चों की लोकेशन पता रहे।
विज्ञापन
यह एप गूगल प्ले स्टोर पर रीच मी और फैमिली लोकेटर आदि नामों से हैं। इन एप से जुड़े लोगों को अगर कोई दिक्कत होती है और वह हेल्प बटन दबाते हैं तो इसकी सूचना फैमिली के अन्य सदस्यों तक पहुंच जाएगी।
सीओ इंदिरापुरम ने बताया कि मुसीबत के समय अगर पीड़ित की लोकेशन पता हो पुलिस को मदद पहुंचाने में आसानी होती है। इस तरह के एप से लाभ मिलता है। लोकेशन ट्रेस करने में लगने वाले वक्त कम होता है।
बोलीं महिलाएं
बीते दिनों युवतियों के साथ लूट, चेन स्नैचिंग के साथ ही कई मामले हुए। समस्या को देखते हुए बेटी ने ही इस एप के बारे में बताया। अब उसके बाहर रहने पर भी उसकी लोकेशन पता रहती है।
- सुषमा, निवासी वैशाली
एप के जरिए काफी सहूलियत हो रही है। बेटी के साथ ही बेटे व परिवार के अन्य लोगों की लोकेशन के बारे में जानकारी मिल रही है। इस एप के बारे में कालोनी के अन्य लोगों को भी जानकारी दी जा रही है।
- नीलू पांडेय, निवासी वैशाली सेक्टर-5