{"_id":"5745cc584f1c1b152c691528","slug":"tickets-for-tours-in-forrest-city-will","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिटी फॉरेस्ट में सैर-सपाटे के लिए लगेगा टिकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिटी फॉरेस्ट में सैर-सपाटे के लिए लगेगा टिकट
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 26 May 2016 01:06 AM IST
विज्ञापन
City Forrest
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करहेड़ा स्थित पर्यटन स्थल सिटी फॉरेस्ट में अब प्रवेश के लिए पांच रुपए का टिकट लगेगा। डेढ़ सौ एकड़ में विकसित हो चुके इस फॉरेस्ट में बोटिंग, घुड़सवारी, जिप्सी सफारी, किड्स जोन व साइकिलिंग के लिए कोई दर नहीं बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
वहीं फॉरेस्ट को और 50 एकड़ जमीन केलिए नगर निगम से एनओसी मिल गई है, इसके लिए लेआउट प्लान तैयार कराया गया है। जीडीए ने फॉरेस्ट में टिकट व्यवस्था के लिए बुधवार को टेंडर जारी कर दिया। प्रभारी अधिकारी, उद्यान एसपी शिशौदिया ने बताया कि टिकट व्यवस्था शुरू होने में एक पखवाडे़ से अधिक का समय लग जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि 14 जनवरी 2014 को फॉरेस्ट के लिए सर्वे का काम शुरू हुआ था। इसके बाद काम बहुत तेजी से हुआ और पिछले छह महीने से पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट को अनुशासन में बांधने और इसका महत्व बढ़ाने के लिए टिकट व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि टिकट लगाने से असामाजिक तत्वों का फॉरेस्ट में प्रवेश भी रुक जाएगा।
सिटी फॉरेस्ट से सटी एक पक्की सड़क करहेड़ा से फर्रुखनगर की ओर जाती है। इस सड़क के रास्ते से भी बिना टिकट दिए कोई फॉरेस्ट क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर पाएगा।
बढे़गा फॉरेस्ट का दायरा: जीडीए के सचिव रविंद्र गोडबोले ने बताया कि निकट भविष्य में सिटी फॉरेस्ट को 50 एकड़ और जमीन मिल जाएगी।
इसके लिए निगम से एनओसी मिल गई है और लेआउट प्लान तैयार कराया गया है। अब सिटी फॉरेस्ट में प्रवेश द्वारों की संख्या तीन हो चुकी है। अब तक 8 करोड़ खर्च: जीडीएवीसी विजय कुमार यादव ने बताया कि स्वच्छ वातावरण एवं पर्यावरण संतुलन की दृष्टि से गाजियाबाद महायोजना 2021 के तहत सिटी फॉरेस्ट को संगठित जंगल के रूप में विकसित किया गया है। इसके लिए 12 करोड़ रुपए का बजट बनाया गया था, जिसमें से करीब 8 करोड़ खर्च हो चुके हैं।