मौसम की मार: उमस और गर्मी से गले में संक्रमण के बढ़े मरीज, इन लक्षणों से करें पहचान; जानें कैसे करें बचाव
मौसम के बदलाव के अनुसार शरीर खुद को ढाल (एडजस्ट) नहीं पा रहा है। खानपान संबंधी लापरवाही और डिहाइड्रेशन की वजह से लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है।
विस्तार
उमस भरी गर्म से गले में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से सरकारी अस्पतालों में रोजाना 125 से 150 मरीजों में 70 फीसदी मरीज गले में दर्द और संक्रमण से परेशान होते हैं। वायरल संक्रमण से मरीजों के गले में दर्द का लक्षण मुख्य रूप से देखा जा रहा है। तेज बुखार के साथ गले में दर्द, सूजन, खरास और बोलने में दिक्कत के साथ भूख न लगना और कमजोरी वायरल संक्रमण की वजह बताई जा रही है। लगातार इलाज के बाद दो सप्ताह तक भी आराम नहीं मिलने से मरीज परेशान रहे हैं।
इस बार वायरल से जुड़े मामलों के लक्षण बदले हुए दिखाई दे रहे हैं। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस व नाक कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार सिंह का कहना है कि भयंकर गर्मी और उमस के बीच वायरल संक्रमण इस बार अलग ही तेवर में नजर आ रहा है। संक्रमित मरीजों में गले के दर्द का लक्षण मुख्य रूप से दिखाई दे रहा है। मरीजों में 104 डिग्री से ज्यादा तेज बुखार के साथ गले में लगातार दर्द, सूजन, खरास और बोलने में दिक्कत महसूस हो रही है। कई केसों में मरीजों की भर्राई हुआ आवाज और आवाज बदलने के भी मामले सामने आए हैं। खुश्की, भूख न लगना और शरीर गिरने से मरीजों की हालत खराब हो रही है।
फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि उमस और गर्मी बढ़ रही है। मौसम के बदलाव के अनुसार शरीर खुद को ढाल (एडजस्ट) नहीं पा रहा है। खानपान संबंधी लापरवाही और डिहाइड्रेशन की वजह से लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है। ऐसे में लोग तेजी से वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। संक्रमित व्यक्ति में दूसरे लक्षणों के साथ गले में अधिक परेशानी हो रही है।
वायरल संक्रमण के लक्षण
गले में खराश, दर्द, सूजन, गला सूखना
भूख न लगना, थकान, कमजोरी और चक्कर आना
जोड़ों में दर्द और सांस लेने में दिक्कत
सिर, शरीर व मांसपेशियों में दर्द, बेचैनी, शरीर ऐंठना
104 डिग्री से ज्यादा बुखार
ऐसे करें बचाव-
- ठंडा पानी, शीतल पेय से परहेज करें
- दिन में ढाई से तीन लीटर पानी पीएं
- छह से आठ घंटे की नींद लें
- बुखार आने पर पैरासिटामोल की गोली लें
- चिकित्सक की सलाह बिना एंटीबायोटिक न लें
- झोलाछाप से इलाज न कराएं।