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नोटबंदी के दौरान सराफा में पैसा लगाने वालों पर कसेगा शिकंजा

Sun, 23 Apr 2017 12:29 AM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Sun, 23 Apr 2017 12:29 AM IST
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 those who put money in bullion during the note-taking
सर्राफा बाजार - फोटो : amar Ujala

जीएसटी लागू होने के बाद अब आयकर विभाग के पास ज्यादा अधिकार होंगे, क्योंकि केंद्र की ओर से आयकर विभाग के अधिकारियों को ज्यादा अधिकार दिए जाने पर काम हो रहा है। ऐसे में साफ है कि अब सरकार का फोकस सिर्फ टैक्स चोरी पर लगाम लगाने और ज्यादा रेवेन्यू जनरेट करने पर होगा।

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इसी कड़ी में विभाग की तरफ से छापेमारी अभियान जारी है, लेकिन आने वाले दिनों में इसे कहीं अधिक धार दिए जाने की कवायद की जा रही है। खासकर बेशुमार प्रापर्टी और सोना खरीदने वाले लोग सबसे पहले निशाने पर हैं। प्रदेश भर में आयकर विभाग की यूनिटें छापेमारी कर रही हैं।
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एक ओर भ्रष्टाचार के जरिये बेशुमार दौलत जुटाने वाले लोग निशाने पर हैं तो वहीं नोटबंदी के दौरान दो नंबर की रकम से गोल्ड खरीदने वालों पर भी विभाग शिकंजा कसेगा है। कुछ सराफा को पहले से नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनकी जांच का काम चल रहा है।
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सूत्र बताते हैं कि आने वाले दिनों में विभाग कहीं ज्यादा मजबूती से काम करेगा। सराफा के जरिये उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश रहेगी, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान कालाधन-सफेद किया है। हालांकि सराफा कारोबारी विभाग के सर्वे का विरोध करते रहे हैं, लेकिन जैसे ही जीएसटी लागू होगा तो उसके बाद कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।

फोर्स मिलती तो नोटबंदी में बेनकाब होते लोग
 नोटबंदी के दौरान आयकर की टीम को लॉ एंड आर्डर की स्थिति का हवाला देकर फोेर्स मुहैया नहीं कराई गई। जबकि गाजियाबाद यूनिट ने नवंबर और दिसंबर के दौरान करीब 10 बार कार्रवाई करने के लिए स्थानीय प्रशासन को फोर्स मुहैया कराने के लिए कहा।


उस दौरान हर दफा स्थानीय स्तर पर प्रशासन कानून एवं व्यवस्था की स्थिति का हवाला देकर फोर्स मुहैया कराने से मना करता रहा। आयकर विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक उस दौरान बड़ी मात्रा में धनराशि इधर से उधर हो रहती थी, पर प्रशासन पुलिस फोर्स मुहैया कराने से बचता रहा।

अगर उस दौरान यूपी के अंदर इनकम टैक्स विभाग को पुलिस फोर्स मिल गई होती तो विभाग बड़ी रकम को पकड़ने में सक्षम होता।

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