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शक की दरार: पति ने कहा नहीं रहना साथ, पत्नी ने मांगा एक करोड़

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2026 12:28 AM IST
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The Rift of Suspicion: Husband Refuses to Live Together; Wife Demands One Crore
गाजियाबाद। इंदिरापुरम में उच्च शिक्षित दंपती के बीच चल रहा वैवाहिक विवाद अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां रिश्ते के बचने की उम्मीदें कमजोर पड़ती दिख रही हैं। प्रेम विवाह से शुरू हुआ यह संबंध अब आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी लड़ाई में बदल चुका है। तीन दौर की काउंसलिंग के बाद भी सहमति न बनने पर पत्नी ने पति से एक करोड़ रुपये गुजारा भत्ते की मांग कर दी है। इससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
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जानकारी के अनुसार, दोनों की मुलाकात एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी के दौरान हुई थी। परिचय धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदला और वर्ष 2018 में परिवार की सहमति से विवाह हुआ। शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ रिश्ते में खटास बढ़ने लगी। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी अन्य युवकों के संपर्क में है। इससे वैवाहिक जीवन प्रभावित हुआ। वहीं पत्नी इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहती है कि पति बेवजह उस पर शक करता है और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है।
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पति ने कहा साथ रहना संभव नहीं, पत्नी ने कहा एक करोड़ दो
इन आरोपों के चलते दोनों के बीच दूरी बढ़ती गई और पिछले एक वर्ष से दोनों अलग-अलग रह रहे हैं। पत्नी ने पति के खिलाफ उत्पीड़न का मामला भी दर्ज कराया है। मामला फिलहाल परिवार न्यायालय से जुड़े मध्यस्थता केंद्र में विचाराधीन है, जहां दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई जा रही है। हालांकि हाल की बैठक में पति ने साफ कर दिया कि वह पत्नी को अपने साथ नहीं रखना चाहता। इसके बाद पत्नी ने गुजारा भत्ता के रूप में एक करोड़ रुपये की मांग रख दी। इससे विवाद और गहरा गया है।
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आपसी संवाद की दूरी रिश्तों में दरार एमएमजी अस्पताल की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. चंदा यादव के अनुसार, एकाकी परिवारों में आपसी बातचीत कम होने और व्यस्त जीवनशैली के कारण रिश्तों में अविश्वास पनपने लगता है। कामकाजी दंपती अक्सर एक-दूसरे को पर्याप्त समय नहीं दे पाते। इससे छोटी-छोटी गलतफहमियां बड़े विवाद में बदल जाती हैं। उनका कहना है कि समय रहते काउंसलिंग और संवाद से कई रिश्तों को टूटने से बचाया जा सकता है, लेकिन जब विवाद लंबा खिंच जाता है तो समाधान मुश्किल हो जाता है।


बदलती सामाजिक प्रवृत्ति बन रही कारण
परिवार न्यायालय के आंकड़े भी इस प्रवृत्ति की पुष्टि करते हैं। वर्तमान में करीब 12 हजार से अधिक मामले लंबित हैं, जिनमें अधिकांश छोटे विवाद से शुरू होकर तलाक तक पहुंच चुके हैं। अधिवक्ता डॉ. राजकुमार चौहान का कहना है कि दंपती अब छोटी-छोटी बातों पर कानूनी रास्ता अपना रहे हैं। इससे रिश्तों में सुलह की गुंजाइश कम होती जा रही है। इंदिरापुरम का यह केस भी इसी बदलती सामाजिक प्रवृत्ति की एक मिसाल बनता जा रहा है, जहां प्रेम से शुरू हुआ रिश्ता अब शक और दूरी के बोझ तले टूटने की कगार पर है।
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