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मातम व नोहाख्वानी के साथ निकला चेहल्लुम का जुलूस
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Mon, 14 Nov 2016 01:22 AM IST
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जुलूस में मातम करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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शहीदाने करबला और हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में रविवार को मोहर्रम के चालीसवें पर चेहल्लुम का जुलूस इस्लामनगर से निकाला गया और जरी को करबला में दफन किया गया।
इस दौरान जंजीरों और हाथों से लोगों ने नोहा मातम किया। दोपहर को शिया समुदाय के लोगों ने हुसैन की याद में मातमपुर्सी की, करबला में मसाइब पढ़े और तकरीर की गई।
जुलूस इस्लामनगर गली नंबर आठ से दोपहर करीब दो बजे शुरू हुआ।
नया बस अड्डा होते हुए पटेलनगर में करबला तक पहुंचा। वहां जाकर शाम करीब सात बजे जरी दफन की गई। जुलूस में अंजुमन ए हुसैनी कैला भट्टा, अंजुमन जुल्फिकारे हैदरी राजनगर, अंजुमन हैदरी बृज विहार, अंजुमन गुलजारे हैदरी कैला भट्टा, अंजुमन जारचा और अंजुमन हापुड़ समेत आठ अंजुमन थीं, जो नोहाख्वानी करते हुए चल रही थीं।
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इस दौरान एडवोकेट राहत अली जैदी, बाकर रजा, अली, हाजी जामिन और मिर्जा गालिब आदि लोग मौजूद रहे। जुलूस में शांति व्यवस्था बनाए रखने और जाम से निजात के लिए भारी पुलिस फोर्स लगाया गया था।
एसपी सिटी ने बताया कि नगर कोतवाली और सिहानी गेट कोतवाली पुलिस के अलावा सादे कपड़ों में भी पुलिस बल को तैनात किया गया था। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी। जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकला।
जुलूस से शहर में लगा जबरदस्त जाम
शहर में मोहर्रम के जुलूस और रूट डायवर्जन के चलते रविवार को दोपहर के बाद से शाम तक जाम के हालात रहे। घंटाघर, पुराना बस अड्डा, चौधरी मोड़, जस्सीपुरा मोड़, कालकागढ़ी चौक और नया बस अड्डा आदि मुख्य मार्गों पर जबरदस्त जाम लगा रहा।
वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे थे। कई मार्गों पर तो पैदल निकलना भी लोगों के लिए दुश्वार हो रहा था। पुलिस ने चौधरी मोड़, घंटाघर, जस्सीपुरा मोड़ आदि पर बैरिकेटिंग्स की हुई थी।
हालांकि रविवार होने के चलते वाहनों की तादाद ज्यादा नहीं थी, लेकिन बावजूद इसके शहर की सड़कों पर वाहन ही वाहन की नजर आ रहे थे। रात करीब सात बजे रूट डायवर्जन और जुलूस खत्म होने पर यातायात सामान्य हुआ।
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इस दौरान जंजीरों और हाथों से लोगों ने नोहा मातम किया। दोपहर को शिया समुदाय के लोगों ने हुसैन की याद में मातमपुर्सी की, करबला में मसाइब पढ़े और तकरीर की गई।
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जुलूस इस्लामनगर गली नंबर आठ से दोपहर करीब दो बजे शुरू हुआ।
नया बस अड्डा होते हुए पटेलनगर में करबला तक पहुंचा। वहां जाकर शाम करीब सात बजे जरी दफन की गई। जुलूस में अंजुमन ए हुसैनी कैला भट्टा, अंजुमन जुल्फिकारे हैदरी राजनगर, अंजुमन हैदरी बृज विहार, अंजुमन गुलजारे हैदरी कैला भट्टा, अंजुमन जारचा और अंजुमन हापुड़ समेत आठ अंजुमन थीं, जो नोहाख्वानी करते हुए चल रही थीं।
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इस दौरान एडवोकेट राहत अली जैदी, बाकर रजा, अली, हाजी जामिन और मिर्जा गालिब आदि लोग मौजूद रहे। जुलूस में शांति व्यवस्था बनाए रखने और जाम से निजात के लिए भारी पुलिस फोर्स लगाया गया था।
एसपी सिटी ने बताया कि नगर कोतवाली और सिहानी गेट कोतवाली पुलिस के अलावा सादे कपड़ों में भी पुलिस बल को तैनात किया गया था। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी। जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकला।
जुलूस से शहर में लगा जबरदस्त जाम
शहर में मोहर्रम के जुलूस और रूट डायवर्जन के चलते रविवार को दोपहर के बाद से शाम तक जाम के हालात रहे। घंटाघर, पुराना बस अड्डा, चौधरी मोड़, जस्सीपुरा मोड़, कालकागढ़ी चौक और नया बस अड्डा आदि मुख्य मार्गों पर जबरदस्त जाम लगा रहा।
वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे थे। कई मार्गों पर तो पैदल निकलना भी लोगों के लिए दुश्वार हो रहा था। पुलिस ने चौधरी मोड़, घंटाघर, जस्सीपुरा मोड़ आदि पर बैरिकेटिंग्स की हुई थी।
हालांकि रविवार होने के चलते वाहनों की तादाद ज्यादा नहीं थी, लेकिन बावजूद इसके शहर की सड़कों पर वाहन ही वाहन की नजर आ रहे थे। रात करीब सात बजे रूट डायवर्जन और जुलूस खत्म होने पर यातायात सामान्य हुआ।