{"_id":"6a480ba39fb9d06a770fb6eb","slug":"the-owners-kept-guarding-it-while-land-mafias-sold-off-land-worth-crores-ghaziabad-news-c-135-1-hpr1002-144116-2026-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: रखवाली करते रहे मालिक, करोड़ों की जमीन बेच गए भू-माफिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: रखवाली करते रहे मालिक, करोड़ों की जमीन बेच गए भू-माफिया
विज्ञापन
हापुड़। दिल्ली रोड स्थित रीना विहार में करीब 1900 वर्ग मीटर के छह प्लाटों को भूमाफिया ने फर्जी दस्तावेजों पर बेच दिया। यह बिक्री ऐसे समय में हुई है जब हर रोज प्लाॅट मालिक इनकी निगरानी कर रहे थे। तीन विभागों से एनओसी भी ली हुई है, फिर भी फर्जीवाड़ा हो गया। अब पीडि़त परिवार ने इस मामले में एसपी और एसडीएम से शिकायत की है।
हापुड़ के आलोक कॉलोनी निवासी प्रफुल्ल तापडिय़ा ने बताया कि रीना विहार में वर्ष 1986 में उन्होंने छह प्लाॅट खरीदे थे। एक प्लाॅट उनके, एक उनके भाई प्रसन्न तापडिय़ा और चार प्लाॅट उनकी माता माया देवी तापडिय़ा के नाम थे। सभी छह प्लाॅटों की बाउंड्री कर गेट भी लगाया हुआ है।
उन्होंने बताया कि एचपीडीए से इन प्लाॅटों का उन्होंने नक्शा पास कराया। पीडब्ल्यूडी से एनओसी ली और नगर पालिका से टैक्स संबंधी रसीदें भी कटवायीं। चहारदीवारी भी की हुई है, हर रोज प्लाॅट पर हमारा आना जाना रहता है। मार्च महीने में एक भूमाफिया ने हमारे सभी प्लाॅट फर्जी दस्तावेजों से किसी अन्य को बिक्री कर दिए। जिसने प्लाट खरीदे हैं, वह अपना गेट लगाने पहुंचा तो इस फर्जीवाड़े की जानकारी हो सकी।
विज्ञापन
भूमाफिया इतने शातिर निकले कि उन्होंने बैनामा चेन बनाने के लिए बिना रकम प्राप्त किए ही बैनामा किए। इस फर्जीवाड़े के बाद से परिवार दहशत में है। पीडि़त ने बताया कि भूमाफिया अब धमका रहे हैं और फैसला करने का दबाव बना रहे हैं, इनमें एक माफिया खुद को एक जनप्रतिनिधि का करीबी भी बताता है।
-- -
जिले में फर्जी बैनामा चेन बनाकर धड़ल्ले से चल रहा खेल
फर्जी बैनामा चेन बनाकर भूमाफिया धड़ल्ले से यह खेल कर रहे हैं। दरअसल, भू माफिया किसी भी खाली पड़े प्लॉट को अपना बताकर फर्जी कागजों से उसका सौदा कर देते हैं। नंबर एक की रकम खाते में आती है, जबकि नंबर दो का पैसा जो अधिक होता है, वह कैश में मिलता है। मामला यदि खुल भी जाए तो माफिया नंबर एक का पैसा ही वापस करते हैं, नंबर दो का हड़प लेते हैं। यही वजह है कि प्लाटों पर माफिया की नजर रहती है।
-- --
कोट
शिकायत के आधार पर मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।-- ईला प्रकाश, एसडीएम
विज्ञापन
हापुड़ के आलोक कॉलोनी निवासी प्रफुल्ल तापडिय़ा ने बताया कि रीना विहार में वर्ष 1986 में उन्होंने छह प्लाॅट खरीदे थे। एक प्लाॅट उनके, एक उनके भाई प्रसन्न तापडिय़ा और चार प्लाॅट उनकी माता माया देवी तापडिय़ा के नाम थे। सभी छह प्लाॅटों की बाउंड्री कर गेट भी लगाया हुआ है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि एचपीडीए से इन प्लाॅटों का उन्होंने नक्शा पास कराया। पीडब्ल्यूडी से एनओसी ली और नगर पालिका से टैक्स संबंधी रसीदें भी कटवायीं। चहारदीवारी भी की हुई है, हर रोज प्लाॅट पर हमारा आना जाना रहता है। मार्च महीने में एक भूमाफिया ने हमारे सभी प्लाॅट फर्जी दस्तावेजों से किसी अन्य को बिक्री कर दिए। जिसने प्लाट खरीदे हैं, वह अपना गेट लगाने पहुंचा तो इस फर्जीवाड़े की जानकारी हो सकी।
विज्ञापन
भूमाफिया इतने शातिर निकले कि उन्होंने बैनामा चेन बनाने के लिए बिना रकम प्राप्त किए ही बैनामा किए। इस फर्जीवाड़े के बाद से परिवार दहशत में है। पीडि़त ने बताया कि भूमाफिया अब धमका रहे हैं और फैसला करने का दबाव बना रहे हैं, इनमें एक माफिया खुद को एक जनप्रतिनिधि का करीबी भी बताता है।
जिले में फर्जी बैनामा चेन बनाकर धड़ल्ले से चल रहा खेल
फर्जी बैनामा चेन बनाकर भूमाफिया धड़ल्ले से यह खेल कर रहे हैं। दरअसल, भू माफिया किसी भी खाली पड़े प्लॉट को अपना बताकर फर्जी कागजों से उसका सौदा कर देते हैं। नंबर एक की रकम खाते में आती है, जबकि नंबर दो का पैसा जो अधिक होता है, वह कैश में मिलता है। मामला यदि खुल भी जाए तो माफिया नंबर एक का पैसा ही वापस करते हैं, नंबर दो का हड़प लेते हैं। यही वजह है कि प्लाटों पर माफिया की नजर रहती है।
कोट
शिकायत के आधार पर मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।