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बैंकों को पांच करोड़ का चूना लगाने वाला इंजीनियर गिरफ्तार

Sat, 11 Jun 2016 01:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sat, 11 Jun 2016 01:31 AM IST
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The engineer was arrested five million defrauding banks
अपराध्‍ा - फोटो : अमर उजाला

बैंकों को अलग-अलग तरीके से पांच करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले एक इंजीनियर को सिहानी गेट पुलिस ने शुक्रवार सुबह दबोच लिया।

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एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि आरोपी इंजीनियर रघुनाथ झा निवासी मुजफ्फरनगर (बिहार) को एक सूचना पर करहेड़ा पुल से कार में घूमते समय गिरफ्तार किया गया जबकि उसका साथी धर्मेंद्र निवासी हिम्मतपुर (फिरोजाबाद) भागने में कामयाब हो गया। आरोपी की कार पर बाइक का नंबर लगा था।
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तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक लाइसेंसी रिवाल्वर, पांच पैन कार्ड, दो आधार कार्ड, एक कार्र्ड स्वीप मशीन, एक लैपटॉप और निशानदेही पर तीन अन्य कार पुराना बस अड्डा स्थित पार्किंग से बरामद की गईं।
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एसएचओ ने बताया कि रघुनाथ झा अलग-अलग नाम से पैन कार्ड बनवा लेता था। इसके लिए वह अलग-अलग जगह किराए पर फ्लैट लेकर रहता था। अब तक वह करीब 150 नाम बदल चुका है। नए पते पर वह बैंकों में अलग-अलग नाम से खाता खुलवा लेता था।

इसके बाद बैंकों से वह पर्सनल लोन और क्रे डिट कार्ड लेता था। क्रे डिट कार्ड की लिमिट जब पांच लाख के करीब हो जाती थी तो वह कार्ड स्वीप मशीन के जरिए क्रेडिट कार्ड से रकम को अपने दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर फ्लैट खाली कर देता था। बैंकों से पर्सनल लोन लेने के लिए वह कभी खुद को फिल्म निर्माता तो कभी बिजनेसमैन बताता था। किराए पर ऑफिस लेता था।

इसके अलावा वह फर्जी नाम से लोन पर कारें लेता था, इन कारों को वह नोएडा में बेच देता था। रघुनाथ पहली बार ठगी के मामले में नोएडा सेक्टर-24 पुलिस थाने से वर्ष 2004, दूसरी बार 2008 और तीसरी बार 2010 में जेल जा चुका है।  
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ठगी की रकम से खोला स्कूल, खरीदा मकान
रघुनाथ झा वर्ष 2004 से ठगी का धंधा कर रहा है। अब तक वह लगभग सभी प्राइवेट बैंकों से ठगी कर करीब पांच करोड़ रुपये का चूना लगा चुका है। ठगी की रकम से उसने सूरत में एक प्ले स्कूल और नोएडा में करीब 20 लाख रुपये की कीमत का एक मकान बना लिया है। पुलिस के मुताबिक एक ठगी की वारदात को करने में उसे तीन माह का समय लगता था। वारदात के बाद वह हिल स्टेशन घूमने जाता था।
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आईटी इंजीनियर से बन गया ठग
वर्ष 1995 से रघुनाथ झा नोएडा सेक्टर-49 में रहता था। ठगी की नई वारदात को अंजाम देने के लिए वह वर्तमान में राजेंद्र नगर, साहिबाबाद में रह रहा था। नोएडा के एक कॉलेज से उसने बीटेक पास किया है। आईटी इंजीनियर बनने पर उसने एक कंपनी में नौकरी भी ज्वाइन की।


सैलरी में तीन हजार रुपये मिलते थे, जिससे उसकी पूर्ति नहीं हो पा रही थी। इस पर नौकरी छोड़कर वह लोगों को बैंकों से लोन दिलाने का काम करने लगा। एजेंट के तौर पर उसे अच्छी आमदनी होने लगी थी। करीब चार साल तक वह लोन दिलाने का काम करता रहा, इस दौरान उसे लगा कि फर्जी दस्तावेजों पर भी लोन मिल सकता है तो उसने ठगी का काम शुरू कर दिया।

नोएडा स्थित अमेरिकन बैंक से वर्ष 2014 में रघुनाथ ने 16 दोस्तों के  साथ 75 लाख रुपये की ठगी की थी। इसमें उसके हिस्से में करीब 5 लाख रुपये आए थे। इस वारदात के बाद से वह वांछित था। नोएडा पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

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