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Ghaziabad News: चौकी के सामने दुकान में घुसकर व्यापारी की हत्या
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मुरादनगर। रेलवे रोड पुलिस चौकी के ठीक सामने मंगलवार सुबह सवा नौ बजे दो बदमाशों ने दुकान में घुसकर मोबाइल व्यापारी मुकेश गोयल (45) की गोली मारकर हत्या कर दी। बाइक से आए दो नकाबपोश बदमाशों ने तीन गोलियां चलाईं। दो मुकेश के सिर में लगीं। उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इसके बाद दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने दुकान के बाहर दो गोलियां हवा में चलाईं और आराम से फरार हो गए। व्यापारी के परिजनों ने हत्या के पीछे 15 लाख रुपये का विवाद बताया है। जिस बदमाश के साथ विवाद चल रहा था, वह फरार है। पुलिस की एक टीम उसकी तलाश में लगाई गई है।
मुकेश गोयल की गोयल टेलीकॉम के नाम से दुकान मकान में ही बाहर की तरफ है। सुबह आठ बजे उन्होंने दुकान खोली। साफ-सफाई के बाद वह कुर्सी पर बैठे थे। तभी बदमाश आए। दुकान के बाहर हरे रंग की बुलेट बाइक रोकी और सीधे अंदर आ गए। बदमाशों ने मुकेश गोली को निशाना बनाकर एक के बाद एक तीन गोलियां चलाईं। एक का निशाना चूक गया। दो गोली लगने से मुकेश गोयल लहूलुहान होकर गिर पड़े।
आसपास के लोग दुकान की ओर दौड़े तो बदमाश बाहर निकल आए और हवाई फायरिंग कर बाइक से ही भाग निकले। लोग मुकेश गोयल को गाजियाबाद के नेहरू नगर स्थित निजी अस्पताल लाए। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत बताया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दुकान से डीवीआर कब्जे में ली। वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। बदमाश 40 सेकंड में पूरी वारदात कर गए।
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व्यापारी ने बेचा था मकान : मुकेश गोयल ने टावर रोड पर अपना एक मकान बेचा था। खरीदारों में एक बदमाश भी है, जो हत्या के एक अन्य मामले में फरार चल रहा है। मकान की कुल रकम में से 15 लाख रुपये बाद में देने के लिए कहा गया था। मुकेश गोयल ये 15 लाख मांग रहे थे। बदमाश रकम नहीं दे रहा था। उसने धमकी दी थी कि तगादा किया तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। हालांकि, पवन गुप्ता ने एफआईआर अज्ञात में दर्ज कराई है। देर शाम व्यापारियों ने हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए शव को सड़क पर रखकर जाम लगाया।
गोली चलने की आवाज सुनकर भी चौकी में दुबके रहे पुलिसवाले
हत्या के बाद लोगों में सबसे ज्यादा गुस्सा इस बात का था कि पांच गोलियां चलने की आवाज सुनने के बाद भी पुलिसवाले चौकी से बाहर नहीं निकले। बदमाशों के काफी दूर चले जाने के बाद भी चौकी का पूरा स्टाफ अंदर ही दुबका रहा। लोग चौकी पर पहुंचे, तब पुलिसवाले बाहर निकले। लोगों ने इस पर गहरा रोष जताया। पुलिस अफसरों के सामने लोगों ने कहा कि ऐसी पुलिस किस काम की, जो वक्त पड़ने पर काम ही न आए। अगर पहली गोली चलते ही पुलिसवाले बाहर निकल आते तो बदमाश मौके पर ही पकड़े जा सकते थे। मुकेश गोयल की दुकान और चौकी के बीच मुश्किल से 30 कदम की दूरी है। सड़क के एक तरफ दुकान है और ठीक सामने दूसरी तरफ चौकी। अधिकारियों ने जांच कराकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। उधर, मुकेश गोयल के भाई पवन गुप्ता ने बताया कि इस केस में पुलिस की बड़ी लापरवाही रही है। मुकेश को बदमाशों की धमकियां मिल रहीं थीं। पुलिस को सूचना दी गई थी लेकिन पुलिसवालों ने इसे हल्के में लिया। अगर धमकी देने वाले बदमाश पकड़ लिए गए होते तो भाई की हत्या न होती।
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मुकेश गोयल की गोयल टेलीकॉम के नाम से दुकान मकान में ही बाहर की तरफ है। सुबह आठ बजे उन्होंने दुकान खोली। साफ-सफाई के बाद वह कुर्सी पर बैठे थे। तभी बदमाश आए। दुकान के बाहर हरे रंग की बुलेट बाइक रोकी और सीधे अंदर आ गए। बदमाशों ने मुकेश गोली को निशाना बनाकर एक के बाद एक तीन गोलियां चलाईं। एक का निशाना चूक गया। दो गोली लगने से मुकेश गोयल लहूलुहान होकर गिर पड़े।
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आसपास के लोग दुकान की ओर दौड़े तो बदमाश बाहर निकल आए और हवाई फायरिंग कर बाइक से ही भाग निकले। लोग मुकेश गोयल को गाजियाबाद के नेहरू नगर स्थित निजी अस्पताल लाए। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत बताया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दुकान से डीवीआर कब्जे में ली। वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। बदमाश 40 सेकंड में पूरी वारदात कर गए।
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व्यापारी ने बेचा था मकान : मुकेश गोयल ने टावर रोड पर अपना एक मकान बेचा था। खरीदारों में एक बदमाश भी है, जो हत्या के एक अन्य मामले में फरार चल रहा है। मकान की कुल रकम में से 15 लाख रुपये बाद में देने के लिए कहा गया था। मुकेश गोयल ये 15 लाख मांग रहे थे। बदमाश रकम नहीं दे रहा था। उसने धमकी दी थी कि तगादा किया तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। हालांकि, पवन गुप्ता ने एफआईआर अज्ञात में दर्ज कराई है। देर शाम व्यापारियों ने हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए शव को सड़क पर रखकर जाम लगाया।
गोली चलने की आवाज सुनकर भी चौकी में दुबके रहे पुलिसवाले
हत्या के बाद लोगों में सबसे ज्यादा गुस्सा इस बात का था कि पांच गोलियां चलने की आवाज सुनने के बाद भी पुलिसवाले चौकी से बाहर नहीं निकले। बदमाशों के काफी दूर चले जाने के बाद भी चौकी का पूरा स्टाफ अंदर ही दुबका रहा। लोग चौकी पर पहुंचे, तब पुलिसवाले बाहर निकले। लोगों ने इस पर गहरा रोष जताया। पुलिस अफसरों के सामने लोगों ने कहा कि ऐसी पुलिस किस काम की, जो वक्त पड़ने पर काम ही न आए। अगर पहली गोली चलते ही पुलिसवाले बाहर निकल आते तो बदमाश मौके पर ही पकड़े जा सकते थे। मुकेश गोयल की दुकान और चौकी के बीच मुश्किल से 30 कदम की दूरी है। सड़क के एक तरफ दुकान है और ठीक सामने दूसरी तरफ चौकी। अधिकारियों ने जांच कराकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। उधर, मुकेश गोयल के भाई पवन गुप्ता ने बताया कि इस केस में पुलिस की बड़ी लापरवाही रही है। मुकेश को बदमाशों की धमकियां मिल रहीं थीं। पुलिस को सूचना दी गई थी लेकिन पुलिसवालों ने इसे हल्के में लिया। अगर धमकी देने वाले बदमाश पकड़ लिए गए होते तो भाई की हत्या न होती।