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एक पोल से अटका है 400 केवी सबस्टेशन
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 15 Jun 2016 12:58 AM IST
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पाोल पर चढ़ा लाइनमैन
- फोटो : अमर उजाला
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400 केवी सबस्टेशन बनते ही गाजियाबाद के नो कट जोन बनने की उम्मीद एक बार फिर धूमिल होती दिख रही है। प्रदेश के पहले गैस बेस्ड 400 केवी सबस्टेशन का संचालन सिर्फ एक पोल की अनुमति न मिलने से अटका है।
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पोल की जगह नहीं मिलने के चलते हाईब्रिड लाइन हापुड़ से नहीं लाई जा पा रही है। सबस्टेशन तैयार हो तो पूरे गाजियाबाद को ओवरलोडिंग की समस्या से निजात मिल जाएगी। पावर कारपोरेशन ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता राकेश ने बताया कि सबस्टेशन का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया है।
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हापुड़ से सबस्टेशन तक हाईब्रिड लाइन डाली जानी है। इसके लिए सीआईएसएफ परिसर में एक पोल लगाया जाना है। इस पोल के लिए सीआईएसएफ से जमीन मांगी गई है। इस पर अनुमति मिलनी बाकी है।
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अनुमति मिलते ही लाइन डालने का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद सबस्टेशन शुरू कर दिया जाएगा। पीपीपी मॉडल के अंतर्गत बनाए जा रहे सबस्टेशन का निर्माण तीन साल में लगभग पूरा कर लिया गया है। 220 केवी साहिबाबाद सबस्टेशन पिछले करीब पांच साल से ओवरलोड है। इसके चलते आए दिन फॉल्ट होते रहते हैं।
विधायक भी लिख चुके हैं गृहमंत्री को पत्र
विधायक अमरपाल शर्मा भी जमीन के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिख चुके हैं। उन्होंनेे बताया कि सबस्टेशन शुरू होते ही पूरा गाजियाबाद नो कट जोन बन जाएगा। लगातार मांग के बाद सबस्टेशन बनकर तैयार हुआ है। अब सिर्फ एक पोल के चलते सबस्टेशन शुरू होने से अटका हुआ है। सीआईएसएफ को तुरंत जमीन को मंजूरी देनी चाहिए।
प्रदेश का का पहला गैस इंसुलेटिड सबस्टेशन
यह सबस्टेशन तकनीकी रूप से भी सबसे बेहतर सबस्टेशन होगा। गैस इंसुलेटिड तकनीक पर आधारित सबस्टेशन पूरी तरह सुरक्षित होगा। सबस्टेशन निर्माण में करीब 150 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सबस्टेशन शुरू होने के बाद करीब 10 साल तक टीएचए में बिजली ओवरलोडिंग की समस्या नहीं होगी।